सीएम शिवराज आज करेंगे बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि का वितरण, हितग्राहियों से चर्चा

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज ग्वालियर, चंबल संभाग एवं विदिशा जिले, श्योपुर, शिवपुरी के बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि वितरण करेंगे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। इसी के साथ वे स्थानीय प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों को हुई क्षति के पश्चात अब तक दी गई राहत के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करेंगे।

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव और राहत के लिए कदम उठाए थे। संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया। पिछले दो सप्ताह में प्रभावित जिलों में जन-जीवन को सामान्य बनाने पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री आज श्योपुर जो बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित रहा, वहाँ अधोसंरचना को हुए नुकसान का जायजा लेंगे। वे शासकीय भवनों सहित निजी मकानों को हुई क्षति की जानकारी भी प्राप्त करेंगे और किसान प्रतिनिधियों से भेंट और फसलों को हुए नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे।

बता दें कि श्योपुर में इस माह के प्रथम सप्ताह में आई बाढ़ के कारण सम्पत्तियों की भी काफी हानि हुई है। शासन के प्रयासों से जनहानि को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। बाढ़ में फँसे लोगों को आपदा दलों और सेना ने ऊँचे स्थानों पर सुरक्षित पहुँचाया। तत्काल चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण अनमोल जिन्दगियाँ बचाने में सफलता मिली। प्रशासनिक स्तर पर और सामाजिक संगठनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए भरपूर प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ की स्थिति के बाद गठित 12 मंत्रियों के सदस्यता वाले टास्क फोर्स ने प्रतिदिन समीक्षा कर राहत और बचाव कार्यों पर नजर रखी गई। मंत्रीगण जिलों में कैम्प कर कार्यों का जायजा लेते रहे। श्योपुर में इंदौर और ग्वालियर नगर निगम से जेसीबी मशीन सहित अन्य उपकरण और सफाई कर्मियों के दल बाढ़ के पश्चात तत्काल पहुँचे थे। शहरी क्षेत्र में सड़कों और मार्गों से मलबा हटाने के साथ ही अन्य मार्गों को आवागमन योग्य बनाने पर प्राथमिकता से ध्यान दिया गया। विच्छेद हो गई विद्युत लाइनों को फिर जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों को भी अवगत करवाया था। हाल ही में केंद्रीय अध्ययन दल ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। इसी के साथ सरकार द्वारा कुछ योजनाओं और राहत कार्यक्रमों में नियमों से जुड़े ऐसे संशोधन की पहल भी की गई है, जिससे बाढ़ प्रभावितों को अधिक से अधिक मदद पहुँचाई जा सके।