कांग्रेस-भाजपा को अपने विधायकों की ताकत पर भरोसा, यहां इस दल का दबदबा

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भोपाल। विधानसभा चुनाव के बाद बदले समीकरण से राजनीतिक दलों को एक दूसरे से कड़ी टक्कर मिल ही है। बुंदेलखंड और मालवा में कांग्रेस को बढ़त मिली है। जिसे वह लोकसभा चुनाव में भी बरकरार रखना चाहती है। इसलिए पार्टी को अपने विधायकों पर भरोसा है। वहीं, भाजपा भी कांग्रेस से निपटने के लिए फूंक फूंक कर कदम रख रही है। पार्टी 2014 का प्रदर्शन दोहराता हुए वर्तमान सीटों पर जीत का संघर्ष कर रही है। पहली लिस्ट में पार्टी ने कई सांसदों के टिकट भी काट दिए हैं। 

बुंदेलखंड के खजुराहो, टीकमगढ़, दमोह और सागर संसदीय क्षेत्रों में 32 विधानसभा सीटें आती हैं। जहां पर मौजूदा समय में नौ विधायक कांग्रेस के हैं, जबकि एक-एक सपा-बसपा और 21 विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा है। हालांकि प्रदेश में सत्ता कांग्रेस की है, तो मुकाबला भी रोचक होने की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि सत्ता पक्ष जहां मौजूदा सांसदों के खिलाफ पिछले पांच सालों में उपजे आक्रोश को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, वहीं प्रदेश सरकार में विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा फिर से इन सीटों पर विजय पताका फहराने की जद्दोजहद में है। हालांकि अभी बुंदेलखंड की दो सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भाजपा ने कर दी है, लेकिन कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इतना तय है कि दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल है।

खजुराहो में नया योद्धा होगा मैदान में

इस बार खजुराहो संसदीय सीट पर भाजपा अपने नए योद्धा को मैदान में उतार सकती है। यहां से सांसद नागेंद्र सिंह ने विधानसभा में दांव अजमाया था। वह इस चुनाव में विजेता भी बने थे। इस कारण खजुराहो सीट से कौन मैदान में होगा अभी इसक�� घोषणा नहीं हुई है। वैसे कहा जा रहा है कि विजय राघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक, छतरपुर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह एवं घासीराम पटेल का नाम भी चर्चाओं में है। खजुराहो में छतरपुर, पन्ना और कटनी जिले की आठ विधानसभा सीट आती हैं। मौजूदा समय में इस क्षेत्र के राजनगर एवं गुनौर में कांगे्रस पार्टी के विधायक हैं। बकाया विजय राघवगढ़, चंदला, पन्ना, पवई, मुड़वारा एवं बहोरी बंद विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है।

खटीक का किला भेदने ताकतवर पर दांव

दो बार के अपराजेय सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक पर एक बार फिर भाजपा ने दांव खेला है। यहां से चंदला के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩे के लिए पूरी ताकत झौंकी थी, लेकिन ऐन वक्त पर खटीक पर ही भरोसा जताया गया। टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में तीन विधायक सत्ताधारी दल के पास हैं। बता दें कि यहां के पृथ्वीपुर, महाराजपुर और छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में सत्ता पार्टी के विधायकों का नेतृत्व है। टीकमगढ़, खरगापुर, निवाड़ी, जतारा सीट भाजपा के पास हैं। जबकि इसी क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाली बिजावर विधानसभा में समाजवादी पार्टी काबिज है।