सिंधिया पर कांग्रेस का अटैक-जिनके वंशजों के हाथ खून से रंगे हो, वो किसी के नहीं हो सकते

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (First freedom struggle) की नायिका वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई (Heroine Veerangana Maharani Laxmi Bai) के बलिदान दिवस (Sacrifice day) पर उनका समाधि स्थल भी राजनीति से अछूती नहीं रह सकी। यहाँ श्रद्धांजलि देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने रानी की शहादत को नमन करने के बाद सिंधिया राजघराने (Scindia Rajgharana) को निशाने पर लिया। कांग्रेस ने कहा कि जिनके हाथ गांधी और लक्ष्मी बाई के खून से रंगे हो वो देश और जनता के नहीं हो सकते। ऐसे गद्दारों को सबक सिखाने का समय आ गया है।

वीरांगना लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस (Sacrifice Day of Veerangana Lakshmi Bai) के मौके पर गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त ग्वालियर-चम्बल संभाग (Gwalior-Chambal Division appointed by State Congress) के मीडिया प्रभारी केके मिश्रा (Media in-charge KK Mishra) पार्टी प्रवक्ता आरपी सिंह, सिद्धार्थ सिंह राजावत, धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य पार्टीजनों के साथ वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर आदरांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ नेता मिश्रा ने सिंधिया खानदान पर बड़ा राजनैतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई स्वतंत्रता संग्राम की वह नायिका थी जिन्होंने अपने देशप्रेम और आज़ादी के सपनों को साकार करने के लिए अंग्रेज हुकूमत के आगे घुटने न टेकने के संकल्प के साथ गद्दारों के हाथों अपना बलिदान देना उचित समझा। इतिहास साक्षी है कि उस दौरान उनकी हत्या से लेकर अंग्रेजी हुकूमत का हमदर्द व झंडाबरदार कौन था?आज भी उनके ही वंशज जिन्होंने उन्हें सौगात में प्राप्त अपने पूर्व पारिवारिक चरित्र का अनुसरण करते हुए उन्हें सब कुछ देने वाली मां रूपी पार्टी,तिरंगे,ग्वालियर के स्वाभिमान,चम्बल के पानी और जनता के वोट तक का सौदा कर दिया है।

केके मिश्रा ने कहा कि अब वक्त का तकाज़ा है कि कई सालों के संघर्ष,त्याग,महारानी लक्ष्मीबाई सहित हजारों-लाखों कुर्बानियों के बाद हमें प्राप्त आज़ादी तथा इस बाबत बलिदानियों का सम्मान करने वाला हर सच्चा भारतीय,गद्दारों को सबक सिखाये,क्योंकि जिन लोगों के हाथ महात्मा गांधी-महारानी लक्ष्मीबाई की हत्या के खून से रंगे हो,वे देश,किसी भी पार्टी और ग्वालियर-संभाग नागरिकों के कभी भी नहीं हो सकते । मिश्रा ने यह भी कहा कि इतिहास इस बात का भी साक्षी है कि ग्वालियर-चम्बल संभाग के नागरिक सभी गलतियों, अपराधों को माफ़ कर सकते हैं किंतु गद्दारों को माफ़ी उनके शब्दकोष में नहीं है,उनका यह सद्गुण स्तुत्य है,इसका प्रमाण आने वाले दिनों में दिखाई भी देगा।