विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने रखी अब यह मांग

भोपाल।

प्रदेश की सियासी हड़कंप के बीच मंगलवार को कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से प्रदेश में करीबन 22 विधायक समेत सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं। हालाकि इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक ने सिंधिया के नाम निंदा प्रस्ताव जारी किया। साथ ही साथ खबर के मुताबिक दो बीजेपी विधायक भी कांग्रेसी खेमे के संपर्क में हैं। इसी बीच यह अटकलें भी तेज है कि सिंधिया बुधवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। तो वही कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर ज्योतिरादित्य के समर्थन वाले छह मंत्रियों की सदस्यता रद्द करने का ज्ञापन सौंपा।

दरअसल इससे पहले सिंधिया ने मंगलवार की सुबह कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि यह चिट्ठी 9 मार्च को ही लिखी गई थी। इस्तीफा जारी होने के कुछ वक्त बाद ही कांग्रेस ने सिंधिया को पार्टी से बर्खास्त करने की सूचना जारी की थी। वही सिंधिया के इस्तीफा आने के बाद तो जैसे प्रदेश में इस्तीफा देना आम हो गया। छह मंत्रियों समेत तकरीबन 22 विधायकों ने अपना इस्तीफा बीजेपी नेता से विधानसभा अध्यक्ष को भिजवाए। बताया जा रहा है कि अभी यह सारे नेता बेंगलुरु के किसी रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं।

वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी पत्र लिखकर इन छह मंत्रियों के मंत्री पद को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की थी। जिसके बाद पार्टी विधायक दल की बैठक के बाद कमलनाथ ने विनिंग मुद्रा में कहा था कि सरकार सुरक्षित है।