ग्वालियर से इस नेता के नाम पर मुहर, जल्द घोषणा करेगी कांग्रेस!

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ग्वालियर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा ग्वालियर सीट से महापौर विवेक शेजवलकर को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब सबकी निगाहें कांग्रेस की सूची पर टिकी हैं । भरोसेमंद सूत्रों की माने तो ग्वालियर सीट के लिए कांग्रेस ने प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह का नाम फायनल कर लिया है और शाम तक पार्टी इसकी घोषणा भी कर सकती है। 

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से पार्टी की निगाहें लोकसभा चुनाव पर टिक गईं है। पार्टी ने सभी 29 सीटें जीतने का लक्ष्य बनाया बनाया है । पाार्टी के बड़े नेता अपने अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में अपने चहेते को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं और यही वजह है कुछ  सीटों पर अभी भी पेंच फंसा है और कांग्रेस अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है। ऐसी ही एक सीट है ग्वालियर । सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाली सीट होने को कारण इस सीट पर उनकी पसंद के उम्मीदवार को ही तरजीह दी जा रही है। जिला कांग्रेस कमेटी ने तो पहले सांसद सिंधिया और फिर उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे के नाम का प्रस्ताव बनाकर राहुल गांधी के पास भेज दिया ।हालांकि कांग्रेस हाईकमान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सिंधिया गुना शिवपुरी से ही चुनाव लड़ेंगे और पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने स्पष्ट कर दिया कि प्रियदर्शिनी राजे इस बार कहीं से चुनाव नहीं लड़ेंगी। पार्टी के इन संकेतों के बाद स्पष्ट हो गया है कि पार्टी अब शुरु से ही ग्वालियर के लिए चले आ रहे प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह को ही उम्मीदवार घोषित करेगी । भरोसेमंद सूत्रों की माने तो आज शआम तक पार्टी अशोक सिंह का नाम घोषित कर देगी । 

दिग्विजय खेमे से आते हैं अशोक 

दरअसल अशोक सिंह दिग्विजय सिंह खेमे से आते हैं । वे कांग्रेस पिरवार से ही हैं उनके दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वार्गी कक्का डोंगर सिंह आजादी के पहले से ही इस अंचल मे कांग्रेस का बड़ा नाम रहा हैं, ग्वालियर चंबल अंचल कक्का डोंगर सिंह को गांधी जी के सहयोगी के तौर पर भी जानता है। अशोक सिंह के पिता राजेंद्र सिंह  अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रह चुके है। इस अंचल में इनका ही परिवार सिंधिया विरोधी माना जाता है । 

बड़े नेताओं ने भी की पैरवी 

गौरतलब है कि ग्वालियर से सबसे पहले जो पैनल बना था उसमें अशोक सिंह का इकलौता नाम था। उसके बाद सिंधिया खेमें के कई नेताओं के नाम उसमें जोड़े गए ।  जिला कांग्रेस कमेटी ने ग्वालियर सीट के लिए पहले सांसद सिंधिया का, नाम फिर प्रियदर्शिनी राजे का प्रस्ताव बनाकर भेजा । जैसे ही कांग्रेस के दूसरे नेताओँ को इसकी भनक लगी तो वे सक्रिय हो गए । भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि सिंधिया खेमें के सक्रिय होने के बाद कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओँ ने राहुल गांधी से अशोक सिंह के नाम के लिए पैरवी कर दी । उधर पार्टी नरेंद्र सिंह तोमर के मुरैना चले जाने के बाद ग्वालियर से उसके प्रत्याशी का भी इंतजार कर रही थी । अब चूंकि भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है तो सबकी निगाहें कांग्रेस की तरफ हैं। जानकार बताते हैं कि राहुल गांधी सहित टिकट निर्धारण कमेटी ने अशोक सिंह का नाम तय कर लिया है और आज शाम तक इसकी घोषणा हो जाएगी।  

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