21 सीटों पर उम्मीदवारों घोषित, 8 अब भी होल्ड पर, मंथन के बाद होगा ऐलान

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भोपाल।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कुल 21  सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, लेकिन अब भी 8  हाई प्रोफाइल सीटों को होल्ड पर रखा है। इनमें इंदौर, ग्वालियर, गुना-शिवपुरी सीट, विदिशा, राजगढ़, धार, मुरैना और भिंड सीटें शामिल हैं। इन सीटों को लेकर कांग्रेस में अब भी मंथन जारी है,उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि गुना से मौजूदा सांसद सिंधिया का नाम फायनल माना जा रहा है, लेकिन उनके नाम का ऐलान नहीं किया गया है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी सिंधिया की सीट बदलकर बड़ा दांव खेल सकती है।

अगर इंदौर की बात करे तो यहां से तीन स्थानीय नेताओं का नाम सामने आया है, जिसमें महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता शोभा ओझा , स्थानीय नेता पंकज संघवी और प्रदेश सचिव स्वप्निल कोठारी का नाम शामिल हैं। ओझा और संघवी शहर कांग्रेस के चिरपरिचित नाम हैं। दोनों ही नेता इससे पहले इंदौर में महापौर के साथ विधायक के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि दोनों को ही सफलता नहीं मिली। ओझा का नाम महिला के सामने महिला फॉर्मूले के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। संघवी विधानसभा चुनाव में भी टिकट के लिए कतार में थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। इससे पहले वे एक बार सुमित्रा महाजन के सामने चुनाव लड़ चुके हैं और पराजय का अंतर 15 हजार वोटों से कम रहा था। सूची में तीसरा नाम कांग्रेस के लिहाज से बिल्कुल नया और अपेक्षाकृत युवा माना जा रहा है। चार्टर्ड अकाउंटेंट व शिक्षाविद स्वप्निल कोठारी निजी विवि के चांसलर हैं। कोठारी ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थामा और उन्हें सचिव का पद भी दिया गया।

इसके अलावा राजगढ़ से मोना सुस्तानी का नाम दौड़ में शामिल है। खबर है कि राजगढ़ लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की राय को महत्ता दी जा रही है। मुरैना से राम निवास रावत के नाम की चर्चा है। दिल्ली में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भिंड से देवाशीष जरारिया के नाम पर विचार किया जा रहा है। देवाशीष बसपा के युवा नेता रहे है, जो विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। प्रदेश में बसपा प्रमुख मायावती की काट के लिए कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के युवा नेता को पार्टी में शामिल किया। 

वहीं, समिति ने ग्वालियर से अशोक सिंह का नाम आगे बढ़ाया है, लेकिन  स्थिति अब भी असमंजस की बनी हुई है। चूंकी पहले यहां से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन सिंधिया ने उत्तरप्रदेश की चुनावी व्यस्तता और उनके गुना-शिवपुरी से चुनाव लड़ने के कारण प्रियदर्शनी राजे को ग्वालियर से चुनाव लड़ाए जाने से मना कर दिया है। इस वजह से इस सीट से अब अशोक सिंह या केदार कंसाना में से प्रत्याशी का चयन किया जा सकता है।