दिग्गी का कटाक्ष “किसने नापा मोदी का सीना”

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भोपाल| पुलवामा हमले के बाद देश भर में गुस्सा और आक्रोश है और आतंकवादियों और पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहा है| हालाँकि भारत सरकार ने इस हमले के बाद ही सेना को फ्री हैंड दे दिया है| वहीं पुलवामा हमले के बाद केन्द्र सरकार द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाने से मोदी सरकार कांग्रेस के निशाने पर आ गई है| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है| उन्होंने कहा कि पुलवामा घटना के बाद भी मोदी शूटिग करते रहे| वहीं 56 इंच के सीने पर तंज कस्ते हुए कहा कि मैं आज तक समझ नहीं पाया हूॅ कि उनका सीना नापा किसने है। 

दरअसल, दिग्विजयसिंह धार में कांग्रेस नेता मोहनसिंह बुंदेला के निधन शोक संवेदना प्रकट करने आए थे। उन्होंने  स्पष्ट कहा कि मोदी इस मामले में बिलकुल गंभीर नहीं है न उन्होंने राष्ट्रीय शोक घोषित किया और न ही कोई अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिग्विजय ने कहा जिस गंभीरता से प्रधानमंत्री जी को ये घटना लेनी चाहिये थी उस गंभीरता से उन्होंने नहीं ली। जिस दिन यह घटना हुई लगभग साढे तीन बजे जानकारी मिल गई थी। ये कोर्बेट पार्क में थे। इनकी फिल्म की शूटिंग हो रही थी। इर्मेजेंसी थी इर्मेजेंसी होने के नाते तत्काल सारे काम छोडकर उनको दिल्ली आना था। इतनी बडी घटना पर राष्ट्रीय शोक घोषित करना था। इर्मेजेंसी में नेशनल स्क्योरिटी कैबिनेट की जो कमेटी थी उसे तत्काल  बुलाना थी। लेकिन नहीं किया। 

दिग्विजय ने कहा इतना बड़ा कारवा जा रहा है और जैश -ए-मोहम्मद ने घोषणा कर दी थी कि ये सुसाईट बोम्बिंग होगी उसके बाद भी कोई उन्होंने कार्यवाही नहीं की। आपने कहा कि जहां हर 10-15 किलोमीटर पर चैंकिग होती है वहां साढे तीन क्विंटल विस्फोटक पदार्थ क्यों नहीं पकड पाई। ये सारी चिजे ऐसी है जिस पर आज तक सरकार उत्तर नहीं दे पाई है और सबसे बडी दुर्भाग्य की बात ये है कि अगर कोई व्यक्ति आज के माहौल में यह कह देता है कि पाकिस्तान से बातचीत जारी रखना चाहिए तो पूरे देश में हलचल मच जाती है और उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दिया जाता है। लेकिन साउदी अरेबिया के युवराज आए और उनके साथ समझौता किया और समझौते में इस बात का उल्लेख किया कि पाकिस्तान से चर्चा करनी चाहिए। पुलवामा का कोई जिक्र तक नहीं किया। किस दबाव में प्रधानमंत्री जी थे जबकि फ्रांस, आस्ट्रेलिया अनेक देश  पाकिस्तान के इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ प्रस्ताव पास कर रहे है फिर ऐसा क्या दबाव था भारत पर सउदी अरेबिया का जो उन्होंने इस पर बातचीत जारी रखने के समझौते पर दस्तखत किए। ये सारी बाते अब सामने आ रही है। 

दिग्विजयसिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पर कभी राजनीति नहीं करती। आतंकवाद से जितना नुकसान कांग्रेस को हुआ इतना किसी को नहीं हुआ। इंदिरा गांधी जी आतंकवाद की शिकार हुई। राजीव गांधीजी आतंकवाद के शिकार हुए। तो कांगे्रस पार्टी कभी समझौता नहीं करती। ये मसुद अजहर को स्वयं जसवंतसिंह और अजीत डोबाल छोडने गए थे अफगानिस्तान और इसी मसुद अजहर ने ये घटना कर दी। 

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