कांग्रेस ने साधा निशाना ‘ये मोदी 3.0 नहीं, एनडीए 3.0 है’, पवन खेड़ा ने कहा ‘उम्मीद है प्रधानमंत्री राजनीतिक सभ्यता का निर्वहन करेंगे’

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी को शायद अब जनता का ये संदेश समझ आ जाए कि जो लोग नेहरू, गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी को गाली देते थे, उन्हें अब बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है और अब पीएम मोदी भी ऐसा करने के लिए मजबूर हैं।

Pawan Khera

Congress targets Modi 3.0 government : रविवार को नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी इसे मोदी 3.0 बतला रही है लेकिन कांग्रेस ने कहा है कि ये मोदी सरकार नहीं एनडीए सरकार है और इस बार एनडीए 3.0 है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि शायद अब मोदी जी को समझ में आ जाए कि राहुल गांधी को गाली देने वालों को जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब जितने भी समय तक वे प्रधानमंत्री रहेंगे अब वो राजनीतिक सभ्यता का निर्वाह करेंगे।

पवन खेड़ा ने कही ये बात

पवन खेड़ा ने कहा, “पहली बात तो ये कि ये मोदी 3.0 नहीं है, ये एनडीए 3.0 है.. अगर आप मोदी 3.0 कह रहे हैं तो आपको चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार से भी पूछना चाहिए कि क्या वे इसे मोदी 3.0 कहेंगे या एनडीए 3.0 कहेंगे? पीएम मोदी को शायद इसका संदेश समझ आ जाए कि जो लोग नेहरू, गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी को गाली देते थे, उन्हें अब जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब पीएम मोदी भी ऐसा करने के लिए मजबूर हैं… जो अनुराग ठाकुर सबसे ज्यादा हिंदू-मुस्लिम की बात करते थे, उन्हें ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। जनता ने जो संदेश दिया है वो शायद अब नरेंद्र मोदी समझ जाएँ और राजनीतिक सभ्यता संस्कृति का निर्वहन करेंगे। शायद वो जनता के संदेश को स्पष्ट सुन रहे होंगे।”

‘मोदी सबको साथ लेकर नहीं चल पाएंगे’

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी अपने कैबिनेट को एक फ़ोटो फ़्रेम में भी बर्दाश्त नहीं करते। जो किसी को एक फ़ोटो फ़्रेम में भी स्वीकार नहीं कर पाते वो गठबंधन सरकार कैसे चलाएगा। पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी अन्य लोगों को साथ लेकर नहीं चल पाएँगे। बता दें कि चुनावी नतीजे आने के बाद से कांग्रेस लगातार कह रही है कि इस बार मोदी सरकार नहीं एनडीए सरकार है और जनता ने बीजेपी को नकार दिया है। वहीं उनके तीसरी बार पीएम बनने की जवाहरलाल नेहरू से तुलना पर जयराम रमेश भी कह चुके हैं कि नेहरू के बाद मोदी अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने तीन बार शपथ ली हो – लगातार हो या न हो। अटल बिहारी वाजपेयी ने 1996, 1998 और 1999 में तीन बार शपथ ली थी और इंदिरा गांधी ने 1966, 1967, 1971 और 1980 में 4 बार शपथ ली थी।


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श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।

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