MP में कांग्रेस अपनाएगी UP का ‘मॉडल’, संगठन में युवाओं को मिलेगी जगह

भोपाल। देश में भले कांग्रेस के अच्छे दिन नहीं आए लेकिन प्रदेश कांग्रेस में खुशी की लहर है। झाबुआ में मिली जीत के बाद भाजपा के एक और विधायक की सदस्यता जाने से कांग्रेस गदगद है। ऐसे में संगठन में भी नई ऊर्जा के साथ काम करने की ललक पैदा हुई है। कांग्रेस में संगठन को मज़बूत करने की तैयारियां चल रही। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस उत्तर प्रदेश की तरह ही युवाओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है। ऐसे युवा चेहरों को मौका मिलेगा जो भाजपा सरकार के दौरान पार्टी के लिए संघर्ष करते रहे हैं। 

दरअसल, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कांग्रेस एमपी में भी युवाओं को संगठन में ज्यादा तरजीह  देने की तैयारी कर रही है। इसलिए जिला अध्यक्षों के लिए पार्टी ने उम्र पैमाना रखा है। जो युवा होंगे उन्हें पार्टी ज्यादा तवज्जौ देगी। नई टीम तैयार करने के लिए कांग्रेस युवाओं को आगे लाने का काम कर रही है। ताकी पार्टी से ज्यादा से ज्यादा युवा चेहरे जुड़ें औ संगठन में कसावट के साथ मज़बूती भी आए। 

विधानसभा चुनाव के समय किया था प्रयोग

विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने कुछ जिला अध्यक्ष की कमान युवा चेहरों को दी थी। जबकि, कई जिले में युवा नेताओं को कार्यकारी जिला अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन इन चेहरों को सिफारिश के बाद यह पद मिले थे। लेकिन अब पार्टी युवाओं के कामकाज और उनकी क्षमता के मुताबिक पद देगी। इस बार किसी नेता की सिफारिश नहीं काम आएगी।