कांग्रेस विधायकों और जिला अध्यक्षों की चमकेगी किस्मत, पार्टी देगी यह सौगात

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भोपाल। विधानसभा चुनाव में सत्ता में आई कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले तक प्रदेश के सभी निगम मंडलों में अभी तक किसी विधायक, नेता की नियुक्ति नहीं की है। निगम और मंडलों में किसे रखा जाए और किसे पद से नवाज़ा जाए इसके लिए दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हुए। नियुक्तियों को लेकर पांच बिंदुओं पर फार्मूला तय किया गया है। इस फॉर्मूले को तैयार करने में एमपी कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। 

दरअसल, सत्ता में आने के बाद सरकार ने लोकसभा चुनाव तक पदों को खाली रखा था। अब इन पर नियुक्ति को लेकर पार्टी में मांग उठ रही है। जिसे देखते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब नियुक्तियों का फैसला लिया है। इनमें कांग्रेस के कई विधायकों की किस्मत चमक सकती है। पार्टी करीब 100 निगम और मंडलों में विधायकों को भी पद देने का इरादा कर रही है। इसका सीधा मकसद है पार्टी विधायकों को एक जुट रखना। कैबिनेट में कई विधायकों को जगह नहीं मिल सकी थी। जिसके बाद कई विधायकों में नाराजगी है। पार्टी उन्हें साधने के लिए अब यह पैंतरा चल सकती है। नियुक्ति में किसी तरह की कोई समस्या न आए इसके लिए पार्टी ने राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट में वकील विवेक तन्खा की मदद भी ली है। तन्खा के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में नोटिफिकेशन का अध्ययन किया है। जिसके बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे की पार्टी के 100 विधायकों को नियुक्ति देने में कोई समस्या नहीं आएगी। 

महीलाओं को मिलेगी प्रथमिकता

सूत्रों के मुताबिक इस बार महीला कांग्रेस को नियुक्तियों में ज्यादा महत्व दिया जाएगा। दिल्ली में तय हुआ फॉर्मूला का सबसे अधिक लाभ इन्हें ही मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 33 फीसदी महीला नियुक्ति करेगी। पार्टी महीलाओं को निगम मंडलों में पद देने के साथ ही अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश में आधी शक्ति महीला वोटर हैं। पार्टी अभी से इन पर निगाहें गढ़ाए हुए है। 

जिलाध्यक्षों को भी मिलेगा इनाम

पार्टी उन जिलाअध्यक्षों पर भी महरबान है जिन्होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए शानदार प्रदर्शन किया। अब उन्हें पार्टी की ओर से इनाम मिलेगा। ऐसे जिलाअध्यक्षों को भी निगम मंडल में अब जगह दी जाएगी। बावरिया की गाइडलाइन के मुताबिक प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिला अध्यक्षों को निगन मंडल में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद मिलना तय है।