Corona crisis: दवाइयों की किल्लत पर CMHO ने कही ये बात

Pills and capsules in medical vial

भोपाल।

प्रदेश में लगातार हो रही दवाई को किल्लत की खबर के बीच भोपाल सीएमएचओ ने सफाई दी है। एमपी में लगभग 70% दवाएं नियमित आपूर्ति और अच्छी तरह से संग्रहित हैं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के अनुसार दवाइयों का वो खेप जिन्हें ज्यादातर इंसुलिन और वैक्सीन जैसे कोल्ड चेन प्रबंधन में आपूर्ति की आवश्यकता होती है। जहां तक ​​सरकारी अस्पतालों का सवाल है तो उसके लिए बफर अपेक्षित मांग को पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त दवा है। भोपाल सीएमएचओ ने कहा है कि मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) के माध्यम से खरीदारी की जाती है। भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि जिले के लिए अकेले MPPHSCL के उपलब्ध स्टॉक की सूची के अनुसार प्रत्याशित मांग को आसानी से पूरा किया जा रहा है।

वहीं एआईओसीडी के महासचिव राजेश सिंघल के अनुसार अगले एक महीने में 7 करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा बाजार में उपलब्ध होगी। हमीदिया अस्पताल द्वारा पिछले महीने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की खपत 1,75,000 से ऊपर रही। बता दें कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोविड19 के इलाज के रूप में करार दिया गया है।

वहीं सिंघल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से दवाओं का परिवहन एक चुनौती रहा है। हमें पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य से दवाओं के आपूर्ति के लिए समर्थन मिला। हमने मांग और आपूर्ति का अनुमान लगाया। वहीं चुनौती यह है कि उन दवाओं की आपूर्ति के लिए है जिन्हें तापमान-नियंत्रित आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता होती है।वहीं सिंघल ने कहा है कि प्रदेश में प्राप्त मात्रा में दवाइयां है। जो नहीं है वो एक महीने तक आ जाएगी। इसलिए ऐसी अफवाह से बचें।