MP के इस जिले में 63वें दिन कोरोना की एंट्री, प्रशासन में हड़कंप, सकते में लोग

भोपाल।

लॉकडाउन 4.0 (lockdown 4.0) खत्म होने को है लेकिन प्रदेश (mp) में कोरोना (corona) का कहर थमने का नाम नही ले रहा है। आए दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।खास करके लॉकडाउन 3.0 तक ग्रीन जोन(green) रहे जिलों में भी कोरोना तेजी से दस्तक दे रहा है, इसका नतीजा ये है कि करीब 50 जिलों में कोरोना पहुंच गया है।अब झाबुआ (jhabua)में एक और बालाघाट(balaghat) में तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद नरसिंहपुर (Nursinghpur) मे भी कोरोना ने एंट्री कर ली है। कोरोना मरीज के मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है और लोग सकते में आ गए है।गांव के बाहर पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। इधर, प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 7000 के कीरब पहुंचने वाली है और इससे मरने वालों की संख्या 290 हो गई है।

दरअसल, अबतक कोरोना मुक्त रहे नरसिंहपुर में  एक पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है तेंदूखेड़ा तहसील के नादिया बिल्हरा गांव निवासी तीन दिन पहले ही ई-पास से अहमदाबाद से नरसिंहपुर आया था। उसके आने के साथ ही प्रशासन अलर्ट मोड में था। जिस मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे भी उसी घर में हैं, उन्हें भी होम क्वारंटीन करने की तैयारी की जा रही है । वही  शासकीय क्वारंटीन सेंटर से जांच के बाद होम क्वारंटीन किए गए 19 वर्षीय छात्र की शनिवार की सुबह मौत हो गई। एहतियात के तौर पर उसके घर के सभी सदस्यों को क्वारंटीन कर दिया है। मृतक छात्र और उसके परिजनों के कोरोना सैंपुल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने तक शव को सुरक्षित रखा गया है। अंतिम क्रिया भी रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

लॉकडाउन के 63वें दिन हुई कोरोना की एंट्री

हैरानी की बात ये है कि लम्बे समय तक यह जिला कोरोना मुक्त रहा। मध्य प्रदेश का नरसिंहपुर ही ऐसा जिला था जहां सबसे पहले लॉकडाउन घोषित किया गया था। शुरुआत से ही जिला प्रशासन यहां लगातार सख्ती बरतता रहा था। बाहर से आने-जाने वाले लोगों पर कड़ाई से नजर रखी गई।किसी को भी गांव में रुकने की इजाजत नही थी। जिसका नतीजा रहा कि लॉकडाउन 62 दिन तक यहां एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिले। लेकिन 63वें दिन एक पॉजिटिव केस मिल ही गया।जिसके बाद प्रशासन मे खलबली मच गई है वही लोग सदमे में आ गए है।गांव में थाना प्रभारी सहित बड़ी तादाद में फोर्स तैनात कर दी गई। गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया। अफसर देर रात तक बैठक करते रहे।

रेड जोन की तरफ बढ़ते ये जिले

इधर झाबुआ और बालाघाट रेड जोन की तरफ बढ़ रहे है। यहां मरीजों की संख्या पांच से ज्यादा हो गया है। झाबुआ जिले के पिटोल बड़ी के रहने वाले एक युवक के कोरोना पॉजिटिव आने की खबर की पुष्टि हुई है, यह युवक पहले से ही आइसोलेशन वार्ड में था। इसी प्रकार आलीराजपुर में इंदौर से आए 2 युवक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यह दोनो चंदन नगर इलाके में सब्जी विक्रय का ठेला लगते थे। सीएमएचओ प्रकाश ढोके के अनुसार झाबुआ जिले में अब 5 केस पॉजिटिव की स्थिति में है।वही बालाघाट जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब 6 हो गई है . मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे ने बताया कि आई सी एम आर लैब जबलपुर से 24 मई की देर रात में प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार खैरलांजी तहसील के ग्राम बेनी के 2 मरीज और लांजी तहसील के ग्राम मोहझरी के एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैजिले में पाए गए तीन नए कोरोना पॉजिटिव मरीज की कांटेक्ट हिस्ट्री पता की जा रही है इनमें से 2 मरीज के गुजरात एवं एक मरीज के मुंबई से आने की जानकारी प्राप्त हुई है. इन तीनों मरीजों को सरदार पटेल होम्योपैथिक कॉलेज गायखुरी बालाघाट में बनाए गए कोविड हॉस्पिटल में उपचार के लिए भर्ती करा दिया गया है . इन मरीजों को संदिग्ध पाए जाने पर सैंपल लेने के साथ ही उन्हें जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था. इन मरीजों की रिपोर्ट प्राप्त होने के साथ ही ग्राम बेनी और मोहझरी को सील कर दिया गया है. इसके पूर्व में तहसील के ग्राम भजियादंड के 3 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और यह तीनों मुंबई से आए हैं

बता दे कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 3810 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 26 रिजेक्ट हो गए। 3516 नेगेटिव पाए गए। वहीं 294 पॉजिटिव निकले। पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 9 मरीजों की मृत्यु हो गई। 141 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक स्वस्थ हो चुके मरीजों की संख्या 3408 हो गई है| वहीं प्रदेश में 2967 एक्टिव केस है।कोरोना बुलेटिन के मुताबिक 294 नए पॉजिटिव मामलों में से इंदौर में 75, भोपाल में 50, उज्जैन में 22 पॉजिटिव मिले हैं। वहीं बुरहानपुर में 58 खंडवा में 6, खंडवा में 10, नीमच में 30, खरगोन धार और मंदसौर में दो-दो पॉजिटिव सामने आये हैं।