MP में उपचुनाव का काउंटडाउन शुरू, इस कारण बदल रहे सियासी समीकरण

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 26 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) को लेकर काउंटडाउन (Countdown) शुरू हो गया है| मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि रिक्त विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव समय पर होंगे और सितंबर के अंत तक इन्हें करा लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है| कोरोना संकट के बीच राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है| लेकिन विधायकों के दल बदल मौसम से समीकरण बिगड़ रहे हैं|

दरअसल, प्रदेश में 26 सीटों पर उप चुनाव होना है। राजनीतिक दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले सिर्फ 24 सीटों पर उपचुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस और अन्य दल अपनी रणनीति बना रहे थे| लेकिन हाल ही में बड़ा मलहरा के कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी और बुरहानपुर जिले में नेपानगर विधानसभा सीट की कांग्रेस विधायक सुमित्रा कास्डेकर के इस्तीफे के बाद अब 26 सीटों के लिए रणनीति बनानी पड़ रही है|

समय पर होंगे चुनाव
अब तक 24 विधायकों ने विधायकी छोड़ी है और दो विधायकों का निधन हुआ है। इस तरह 26 विधानसभा सीटें रिक्त हो गई हैं जिन पर अब उपचुनाव होंगे। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि उपचुनाव की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है| लेकिन फिलहाल, मुख्य चुनाव आयुक्त के बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है।

114 से 90 पर आई कांग्रेस
प्रदेश में बड़े सियासी घटनाक्रम में 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की सरकार चली गई| इसके बाद दो विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस की उपचुनाव की तैयारियों को झटका लगा है| हालाँकि कांग्रेस का दावा है कि जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और एक बार फिर उन्हें जनता का साथ मिलेगा| वहीं कांग्रेस में बड़ी सेंध लगने से भाजपा आत्मविश्वास से भरी हुई है और आने वाले दिनों में और भी विधायकों के कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने के दावे किये जा रहे हैं| ऐसे में अभी उपचुनाव की सीटें और भी बढ़ सकती है, इन संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता| विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं जिसके कारण कमल नाथ सरकार बनी थी। इसके बाद 22 विधायकों ने इस्तीफे दिए, फिर बड़ा मलहरा के कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी ने इस्तीफा दिया और फिर सुमित्रा कास्डेकर ने त्याग पत्र देकर कांग्रेस को तीसरा झटका दिया । इस तरह कांग्रेस पार्टी के खाते में अब 90 विधायक बचे हैं। विधानसभा में भाजपा के 107, बसपा के दो, सपा का एक और निर्दलीय चार विधायक हैं।