अनियंत्रित होकर नदी में गिरी कार, सामने आया दिल दहला देने वाला वीडियो

टीकमगढ़। विश्व धार्मिक प्रसिद्ध पर्यटक क्षेत्र ओरछा में दिल दहला देने वाले एक्सीडेंट की घटना सामने आई है। जिसका वीडियो वहां लगे सीसीटीवी कैमरें में कैद हो गया। अच्छी बात यह रही कि कार में सवार सभी लोगों को वहां खडे़ लोगों ने बचा लिया और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के उरई का एक परिवार कार से ओरछा रामराजा सरकार के दर्शन के लिए जा रहा था। इस कार में पांच लोग सवार थे जिसमें एक छह माह का बच्चा आरव अपनी मॉ अनामिका की गोद में सो रहा था जैसे ही कार ओरछा के पास सतार नदी के पुल को पार कर रही थी तभी सामने से तेज रफतार से आ रही ओवर लोडिड टेम्पू ने टक्कर मार दी। जिसमें कार सीधे नदी में जा गिरी और कार सहित सभी लोग डूबने लगे।

तभी आचानक कार से सबसे पहले बच्चे का पिता निकला और उसने बच्चे को बाहर निकाला और कार पर चड़कर आरव को पुल पर खडे़ लोगों के पास फेंक दिया  लेकिन वहां खडें लोगो के हाथों तक यह बच्चा नहीं पहुंच पाया और वह नदी में गिर गया। तभी वहां खड़ा लड़का तुरंत नदी में कूद गया और आरव को तुरंत लिकाल लिया। जिसके बाद कार सवारों को भी लोगों ने निकाला और सभी की जान बच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार के पूरे परिवार के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए ओरछा के स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया । वहां से उन्हें झांसी रैफर कर दिया गया था। सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है यह लोग पूरी तरह सुरक्षित है। ओरछा विश्व प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र भी है। यहां रोज हजारों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटक पहुंचते है। लेकिन यहां आज भी सौंकडों साल पुराने बने पुलों से आवागवन हो रहा है। यह पुल इतने सकरे हैं कि वहा क्रासिंग तक नहीं हो सकती है। एक बार में एक ही वाहन निकल सकता है। अगर क्रासिंग करने की कोशित होती है तो कोई ना कोई वाहन सीधा नदी में जा गरिता है। इन पुलों पर रैलिंग तक के इंतजाम नहीं हैं कई बार इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन इन हादसों के बाद भी प्रशान कोई सबक नहीं लेता है।

ठीक इसी तरह ओरछा के जामनी और बतेवा नदी के पुलों की हालत है। सैकडों साल पहले बने इन पुलों का उपयोग हो रहा है। जामनी नदी पर बने पुल की लम्बाई लगभग सौ किलोमीटर से अधिक है यह पुलि इतना सकरा है कि एक तरफ से एक ही बाहन नकिल सकता है जब एक बाहन निकल जाता तो दूसरा बाद में निकाला जाता है। कई बार बीच में दोनो तरफ से बाहन फस जाते है और घंटो जाम लगा रहता है इस पुल पर भी किसी भी प्रकार की रैलिग के इंतजाम नही है। इसी तरह बेतवा नही पर भी पुल बना हुआ बह भी स्टेट समय का है जो काफी सरका है और इस पर भी रैलिग के इंतजाम नही है गभीर बात यह है कि इतने बडे विश्व प्रसिद्ध पर्यट और धार्मकि क्षेत्र होने के बाद शासन प्रशासन ध्यान क्यो नही देता।

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