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भोपाल। कश्मीर घाटी में आतंकी हमले के अलर्ट के बाद अब मध्य प्रदेश में भी इंटेलिजेंस द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में आगामी दिनों में त्यौहार शुरू होने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस मुख्‍यालय द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने और एहतियात बतौर सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में स्‍पष्‍ट किया गया है कि शरारती तत्‍वों से कड़ाई से निपटा जाए। मॉब लिचिंग (भीड़ हिंसा) की घटनाएं कदापि न होने पाएं।

आगामी दिनों में आने वाले त्‍यौहारों नागपंचमी, रक्षाबंधन, कावड़ यात्रा एवं ईद के दौरान कानून व्‍यवस्‍था एवं सांप्रदायिक सौहाद्र बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता कैलाश मकवाना ने पु‍लिस अधीक्षकों को यह भी हिदायत दी है कि हाल ही में जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य में बड़ी संख्‍या में की गई सुरक्षाबलों तैनाती को ध्‍यान में रखकर विशेष एहतियात बरतें। उन्‍होंने कहा है कि भविष्‍य में होने वाले निर्णयों की वजह से कतिपय संगठनों व तत्‍वों द्वारा संभावित धरने, रैली व आंदोलनों को लेकर भी पुलिस पूरी तरह सर्तक रहे।  मकवाना ने निर्देश दिए है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए पूर्व में जारी किए गए दिशा निर्देशों का भी कड़ाई से पालन कराएं।  

ज्ञात हो बच्चा चोर गैंग व रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने संबंधी अफवाहों से सावधान रहने की अपील हाल ही में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक गुप्‍तवार्ता मकवाना प्रदेशवासियों से की थी। उन्होंने अपील के जरिए स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया मसलन व्हाट्सएप व फेसबुक इत्यादि पर विभिन्न प्रकार की पुरानी घटनाओं को जोड़कर और फेक मैसेज बनाकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इस संबंध में उन्‍होंने कुछ फेक मैसेज के उदाहरण भी जनता के ध्‍यान में लाए थे। जो जांच के बाद फर्जी पाई गईं थीं।