मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायतों का डिजिटलाइजेशन करेगी शिवराज सरकार

मंत्री ने कहा कि भौतिक अंधोंसंरचना और विकास के लिए 3 वर्षों का रोडमैप (Road Map) तैयार करने का कार्य तेजी से किया जाएगा।सड़कों के विकास के लिए बेहतर योजना निर्माण एवं राजस्व (Revenue) को बढ़ाने के लिए 200 करोड़ का साइंटिफिक ट्रैफिक सर्वे (Survey) किया जाएगा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodiya) ने संभागीय बैठक में कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश (Atmanirbhar Madhya Pradesh) की परिकल्पना को साकार करने में सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुशासन व्यवस्था और नागरिकों की सुविधाओं के लिए एकल डेटाबेस (Database) तैयार करें। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) का डिजिटलाइजेशन किया जाए।

मंत्री ने कहा कि भौतिक अंधोंसंरचना और विकास के लिए 3 वर्षों का रोडमैप (Road Map) तैयार करने का कार्य तेजी से किया जाएगा।सड़कों के विकास के लिए बेहतर योजना निर्माण एवं राजस्व (Revenue) को बढ़ाने के लिए 200 करोड़ का साइंटिफिक ट्रैफिक सर्वे (Survey) किया जाएगा। मंत्री सिसोदिया ने कहा कि विभाग द्वारा किए गए अनुबंधों को समय सीमा में पूर्ण करने और परियोजना लागत में अधिक वृद्धि को नियंत्रित करने से बंधित विवादों के निपटारे के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मनोज श्रीवास्तव (Additional Chief Secretary Panchayat and Rural Development Manoj Shrivastava) ने बताया कि सेवा प्रदाय के लिए आवश्यक दस्तावेजों (Documents) का डिजिटलाइजेशन (Digitalization) सत्यापन करने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ग्राम में हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। विभागों द्वारा ऐसी सेवाएं जिसमें शुल्क लिया जाता है एवं शुल्क लेने के मोड को सूची तैयार की जा रही है।

सभी विभागों और जिला कलेक्टर (Collector) के प्रभावी उपयोग के लिए डैशबोर्ड के लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की गई है, जो विभाग (Panchayat and Rural Development Department) की योजनाओं के इंडिकेटर तैयार करेंगी। बैठक में बताया गया कि आगामी 3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले लोगों की चिन्हित कर सेवानिवृत्ति पर देय स्वत्वों का एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था के लिए 6 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है। छोटे व्यवसायियों एवं परंपरागत उद्योगों के उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म (E-Commerce Platform) से जोड़ा जाएगा।