आरएसएस प्रमुख के बयान के बाद दिग्विजय सिंह का निशाना, कहा- मोहन भागवत के विचार संघ के विरुद्ध

भोपाल, न्यूज डेस्क

नोवल कोरोना वायरस (Corona Virus)  के कारण पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था (Financial situation) चरमरा गई है, जिसके चलते देश को मंदी ( Recession) के दौर से गुजरना पड़ रहा है। देश को मंदी के दौर से उबारने के लिए और अत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)  ने “वोकल फॉर लोकल” (Vocal for Local) मूल मंत्र का स्वागत किया था। इसमें स्वदेशी उत्पादनों के उत्पाद और उनकी खरीदी पर जोर देने की बात कही गई थी, जिसका देशवासियों द्वारा भी बड़े स्तर पर सराहना की गई।

इसे लेकर अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat)  का बयान सामने आया है, जिसके चलते विपक्ष ने सरकार को सवालों के घेरे में ले लिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ जरूरी नहीं कि सभी विदेशी उत्पादों (Foreign products)  का बहिष्कार (Boycott) किया जाए। इस बयान के कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने ट्वीट के जरिए कहा कि क्या मोहन भागवत जी के विचार संघ द्वारा संचालित स्वदेशी जागरण मंच के विरुद्ध नहीं हैं? क्या मोहन भागवत जी गोविंदाचार्य जी से इस बारे में विचार विमर्श करेंगे?

अपने दूसरे ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने भारत और चीन के रिश्ते पर पीएम नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत और रामदेव बाबा को सवालों के कटघरे में रखते हुए कहा कि “क्या मोहन भागवत जी अपने इस बयान से मोदी जी के दबाव में चीन के लिए रास्ता तो नहीं खोल रहे हैं?  एक समय रामदेव भी चीनी सामान का बहुत विरोध करते थे लेकिन अब वे भी चुप हैं। क्या वे भी दबाव में हैं?”