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दिग्विजय सिंह ने की जाति जनगणना की माँग, कहा ‘पीएम मोदी तत्काल आदेश दें, ख़राब होगी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छवि’

Written by:Shruty Kushwaha
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ज़माना data का है और ये जानकारी जाति जनगणना से ही मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से इसे तुरंत कराने के आदेश देने का अनुरोध किया और कहा कि ऐसा न करने पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
दिग्विजय सिंह ने की जाति जनगणना की माँग, कहा ‘पीएम मोदी तत्काल आदेश दें, ख़राब होगी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छवि’

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Digvijaya Singh Demands Caste Census : पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर जाति जनगणना की माँग की है। उन्होंने कहा है कि ये data का ज़माना है और सही जानकारी उसी से मिलेगी। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जाति जनगणना न कराने से पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि भी धूमिल होगी, इसलिए वे तत्काल इसे कराने के आदेश दें।

बता दें कि कांग्रेस लगातार जाति जनगणना की माँग कर रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बार बार कह रहे हैं कि कांग्रेस के लिए जातिगत जनगणना नीति निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान हर एक भारतीय को न्याय और बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन सच्चाई है कि देश की जनसंख्या के 90% के लिए न तो अवसर हैं और न ही तरक्की में उनकी भागीदारी है और इस स्थिति को बदलने के लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है।

दिग्विजय सिंह ने की जाति जनगणना की माँग 

इस मुद्दे को उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर पीएम मोदी से जाति जनगणना कराने की माँग की है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि ‘यह जमाना Data का है और यह केवल  जाति जनगणना के माध्यम से ही मिलेगा। इसलिए जाति जनगणना ना कराना नरेंद्र मोदी जी अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में आपकी छवि के लिए ठीक नहीं होगा। इसलिए जातिय जनगणना के आदेश तत्काल दें।’

इससे पहले राहुल गांधी भी कह चुके हैं कि जाति जनगणना को लेकर जनता ने अपना ऑर्डर दे दिया है और देश की सामाजिक आर्थिक जनगणना तो हो कर रहेगी। कुछ दिन पहले उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को जनता की बात सुन कर जातिगत जनगणना करवानी ही होगी, अगर वह खुद नहीं करेंगे तो अगले प्रधानमंत्री को करते हुए देखेंगे। दिग्विजय सिंह जाति जनगणना को लेकर राहुल गांधी के विचारों का पुरजोर समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि यह समय की माँग है कि सरकार जाति जनगणना करवाए, ताकि सामाजिक न्याय को सही मायनों में लागू किया जा सके।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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