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भोपाल| लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा जोरो पर है| पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को प्रदेश की कमान सौंपे जाने की चर्चा चल रही है| सोशल मीडिया पर तो अजय सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की बधाई भी दी जा रही है| हालाँकि अभी तक पार्टी ने इस सम्बन्ध में कोई आदेश जारी नहीं किया है और न ही किसी बड़े नेता ने इसको लेकर कोई बयान दिया है| लेकिन सियासी गलियारों में इस फेरबदल को तय माना जा रहा है और अजय सिंह को कमान सौंपी जाना भी लगभग तय है, जल्द ही इस सम्बन्ध में घोषणा की जा सकती है|

दरअसल, शनिवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को दिल्ली बुलाया गया था, जहाँ उन्होंने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के साथ बैठक की है| मुख्यमंत्री कमलनाथ भी दिल्ली में है, जिसको लेकर फेरबदल की चर्चा को हवा मिली है| अजय सिंह दिल्ली से भोपाल लौट चुके हैं| लेकिन दिल्ली में क्या चर्चा हुई यह अभी भी सस्पेंस है| वहीं सोशल मीडिया पर अजय सिंह को बधाई देने का दौर शुरू हो गया है| शनिवार रात से ही सोशल मीडिया पर बधाई सन्देश वायरल हो रहे हैं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारी समेत दो मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया पर अजय सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की बधाई दे दी| हालांकि बाद में उन्होंने अपने पोस्ट डिलीट कर दिए|

 

कमलनाथ को फ्री रखने पार्टी ले सकती है फैसला 

विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गाँधी ने प्रदेश में कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाये थे| अब जब कांग्रेस सरकार में है ऐसे में संगठन में ध्यान देना मुश्किल हो रहा है| ऐसे में पार्टी हाई कमान जल्द बदलाव कर सकती है| माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पूर्व पार्टी संगठन में फेरबदल कर सकती है| मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष भी हैं| मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नए नाम पर विचार शुरू हो गया था| सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल की चर्चा के दौरान भी प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा थी| लेकिन अंदरूनी खींचतान के चलते लोकसभा चुनाव तक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी कमलनाथ के पास ही रहने देने की रणनीति बनाई गई थी| लेकिन सरकार और संगठन में बैलेंस बनाना मुश्किल हो रहा है| क्यूंकि शुरुआत में कई चुनौतियाँ हैं, व्यस्तता के चलते कमलनाथ संगठन की जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान नहीं दे पाएंगे| हालाँकि पार्टी सभी पहलुओं पर मंथन कर रही है|

सत्ता संगठन में हार चुके दिग्गज नेताओं को एडजस्ट करने की मांग उनके समर्थकों की ओर से उठ रही है।  सरकार बनने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि अजय सिंह और रामनिवास रावत में से किसी एक नेता को प्रदेशाध्यक्ष की कमान मिल सकती हैं। रामनिवास रावत का नाम सिंधिया खेमे की तरफ से आगे हैं और प्रदेशाध्यक्ष के लिए रावत का नाम दौड़ में आगे भी है। हालांकि अभी तक प्रदेशाध्यक्ष के लिए किसी भी नेता के नाम पर हाईकमान ने मुहर नहीं लगाई है। चर्चा है कि मंथन चल रहा है और जल्द ही घोषणा भी जा सकती है| अजय सिंह के दिल्ली जाने से पहले भोपाल में उनके बंगले पर भी काफी हलचल रही, कई बड़े नेता विधानसभा उपाध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं ने अजय सिंह से मुलाकात की थी, जिसके बाद से ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा शुरू हुई|