Bhopal: बिजली कंपनी और निगम के बीच बढ़ा विवाद, ऊर्जा मंत्री ने कहा- कदम उठाना जरूरी

प्रद्युमन सिंह तोमर का कहना है कि बड़ी रकम वसूलने के लिए कनेक्शन काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। बिजली कंपनी को भी बिजली खरीदनी पड़ती है। जिसके लिए उसे पैसे देने होते इसलिए कदम उठाया गया है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में जनता बिजली (electricity) को लेकर दोहरी मार से परेशान है। एक तरफ जहां प्रदेश में बिजली बिलों (electricity bill) में बढ़ोतरी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी का नगर निगम पर 101 करोड़ रुपए का बकाया है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

दरअसल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निगम द्वारा बिजली बिल नहीं चुकाए जाने पर बिजली कंपनी ने शहर के 40 से अधिक इलाकों की बिजली काट दी है। कंपनी द्वारा बिजली काटे जाने के बाद राजधानी के कई बड़े इलाके में अंधेरा फैला है। इस मामले में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर (pradyuman singh tomar) का कहना है कि बड़ी रकम वसूलने के लिए कनेक्शन काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। बिजली कंपनी को भी बिजली खरीदनी पड़ती है। जिसके लिए उसे पैसे देने होते इसलिए कदम उठाया गया है।

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राजधानी भोपाल के चेतक ब्रिज, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, सोमवारा छोला रोड जैसे क्रीम इलाकों में भी स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काटे गए हैं। बता दें कि इससे पहले बिजली कंपनी ने नगर निगम से बिजली बिल चुकाने की बात कही थी। बावजूद इसके नगर निगम द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया जिस पर बिजली कंपनी और नगर निगम के बीच विवाद बढ़ गया है।

इस मामले में नगर निगम का कहना है कि 31 दिसंबर को 4.50 करोड़ रुपए का भुगतान बिजली कंपनी को किया गया था। जबकि बिजली कंपनी का कहना है कि लॉकडाउन से पहले तक नगर निगम नियमित भुगतान कर रहा था। लेकिन लॉक डाउन के बाद से धीरे-धीरे भुगतान को रोक दिया गया और बिजली बिलों की राशि बढ़ती चली गई। इसके साथ ही नगर निगम कमिश्नर बीएस कौलसानी का कहना है कि 2 महीने में 20 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है बावजूद इसके बिजली कंपनियों द्वारा पानी के कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है।