नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से राकेश साहनी को हटाया

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भोपाल

इन दिनों कमलनाथ सरकार में ताबड़तोड़ तबादलों किए जा रहे है। खास करके उन अफसरों को पहले हटाया जा रहा है जो शिवराज सरकार में रहे है। अब नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव राकेश साहनी को पद से हटा दिया गया है। साहनी 1972 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इससे पहले कमलनाथ सरकार एनवीडीए के उपाध्यक्ष रजनीश वैश्य को हटाकर ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेज चुकी है।हालांकि साहनी के मामले में सरकार ने देरी क्यों कि यह वजह अभी तक सामने नही आई है।

                दरअसल, कांग्रेस सरकार ने आते ही सभी निगम-मंडलों के अध्यक्षों को हटाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद सभी निगम-मंडल के अध्यक्षों को पद से हटा दिया गया था, वहीं कुछ अध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद राकेश साहनी अपने पद पर बने हुए थे और वे रोज दफ्तर भी आ रहे थे, हालांकि राजनैतिक गलियाओं में तो ये भी चर्चा थी कि वे कांग्रेस सरकार से भी सामंजस्य बैठाने की कोशिश में लगे हुए थे,इसके लिए वे रोज दफ्तर भी आ रहे थे, लेकिन उनकी यहां दाल नही गली और राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया। इसके पहले एनवीडीए के उपाध्यक्ष रजनीश वैश्य को भी हटाकर ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेज दिया गया था। साहनी के बारे में ये निर्णय कमलनाथ सरकार ने दो माह बाद लिया।

वैसे साहनी का दिसंबर 2014 में कार्यकाल पूरा हो गया था। लेकिन करीब छह महीने बाद  2015 को वे एनवीडीए के अध्यक्ष बनाए गए थे।  साहनी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के चहेते अफसरों में शामिल रहे हैं, सत्ता में रहते हुए भाजपा सरकार उन पर हमेशा मेहरबान रही है ।कई बड़े ब्यूरोक्रेटिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह शिवराज सरकार में कई बार संकटमोचक भी बने।  इसी के चलते साहनी मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका दो बार महत्वपूर्ण पदों पर पुनर्वास किया गया । हालांकि शुक्रवार देर रात उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की प्रकिया पूरी की गई।

अब तक इन पदों पर रहे 

राकेश साहनी 1972 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। साहनी को जुलाई 2015 में अध्यक्ष बनाया गया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सलाहकार भी रह चुके हैं। जनवरी 2006 से जनवरी 2010 तक प्रदेश के मुख्य सचिव रहे और रिटायरमेंट के बाद उनकी पोस्टिंग विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन पद पर कर दी गई।  राकेश साहनी को शिवराज सरकार ने 2015 में एनवीडीए का चेयरमैन बनाया था। इससे पहले वे कई सालों तक विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।