पूर्व मंत्री ने की पदयात्रा की घोषणा, 5 से 11 सितंबर तक जायेंगे अंचल के गांवों में

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह (Former Minister Dr. Govind Singh) ने पद यात्रा पर जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि नदियों और भू-जल को बचाने के लिए मैं सब जगह जा चुका अब जनता के बीच जा रहा हूँ। पद यात्रा की शुरुआत 5 सितंबर को लहार से गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी। डॉ गोविंद सिंह के साथ पद यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह, वाटर मेन के नाम से विख्यात प्रसिद्ध समाज सेवी राजेंद्र शर्मा, एकता परिषद प्रमुख पी राजगोपाल सहित सैकड़ों ग्रामीण और कार्य कर्ता शामिल होंगे और ग्वालियर चंबल के गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।

ग्वालियर में एक निजी होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सहित ग्वालियर चंबल अंचल की नदियों में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन से नदियाँ खोखली हो रहीं ही उससे भू जल स्तर गिरता जा रहा हैं मैंने न्यायालय से लेकर हर जगह लड़ाई लड़ी उसके बाद भी सरकार द्वारा रेत के अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लग सकी है इसलिए मैं अपने अन्य सैकड़ों साथियों के साथ ग्वालियर चंबल अंचल के गाँवों में जाकर नदियों और धरती के जल को बचाने के लिये जन जागरण करूँगा। उन्होंने बताया कि मेरा अभियान 5 सितंबर से शुरू होकर 11 सितंबर तक चलेगा। डॉ गोविंद सिंह जनजागरण अभियान की शुरूआत अपने विधानसभा क्षेत्र लहार में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ करेंगे। शुरुआत के मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह खास तौर पर मौजूद रहेंगे।

डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि भारत सरकार के नीति आयोग ने भी जल संकट को लेकर गहरी चिंता जताई है। आयोग ने 2026 में कुछ जगहों पर भारी जल संकट की चेतावनी दी है। इस जल संकट में ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिला शामिल है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैंने सरकारों से थक हारकर अब अपने लोगों के साथ मिलकर इस जल संकट से निबटने के लिये मेग्सेसे पुरस्कार विजेता वाटर मेन के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह से मिलकर रूपरेखा तैयार की है। अब उन्हीं के अनुसार जन जागरण करने का फैसला किया है। इसी के तहत अब वह 5 सितंबर से जन जागरण अभियान चलायेंगे। इस जनजागरण में वह पांच सितंबर से 11 सितंबर तक वह रोजाना लगभग 15 से 20 किलोमीटर चलकर रास्ते में आने वाले गांवों में जनजागरण करते हुये चलेंगे। लोगों को समझायेंगे कि अवैध रेत उत्खनन से कितना नुकसान है। उनकी पद यात्रा 11सितंबर को दतिया जिले के सेवढ़ा स्थित सिंध नदी के तट पर प्रसिद्ध तीर्थ सनकुंआ पर समाप्त होगी।

पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने बताया कि 5 सितंबर को जनजागरण की शुरूआत वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह करेंगे। इसमें 6 सितंबर को राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, 7 सितंबर को कम्प्यूटर बाबा, 8 सितंबर को राजेन्द्र सिंह और मोहन प्रकाश, 9 सितंबर को पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा एवं अन्य साथी, 10 सितंबर को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप जालौन एवं 11 सितंबर को एकता परिषद के प्रमुख पी राजगोपाल, राजू भाई एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल होंगे। इनमें से अधिकांश लोगों की स्वीकृति आ चुकी है। गिरते भू-जल स्तर की चिंता करते हुए डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि पहले कुछ ही फुट तक पाइप डालकर हैंड पंप में पानी आ जाता था लेकिन अब पानी 50- 60 फीट नीचे चला गया है। कुये सूख रहे हैं। हालात या बने रहे तो हमारी अगली पीढ़ी पानी के लिये तरसेगी। जैसे अभी पेट्रोल सौ रुपये लिटर मिलता गई तो पानी भी इसी दाम पर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसी के चलते वह इस जनजागरण यात्रा पर निकले हैं। जिससे लोगों को पानी का मोल और नदियों को खोखला करने के नुकसान बता सकें।