कांग्रेस जिलाध्यक्षों को हटाने की कवायद शुरू, 12 से अधिक होंगे ‘आउट’

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल करने जा रही है। पार्टी जिला स्तर पर नए फार्मूले को लागू करने जा रही है। अगर फॉर्मूला लागू होता है तो एक दर्जन से अधिक जिला अध्यक्ष का पद छिन जाएगा। पार्टी हाईकमान ने तय किया है कि पांच साल से जिला अध्यक्ष पद पर जमे नेताओं को बदला जाएगा। संगठन की कमान नए चेहरों को देने की तैयारी है। हांलाकि, इस बदलाव में फिलहाल समय लगेगा। क्योंकि प्रदेश कांग्रेस को पहले अध्यक्ष की दरकार है। अध्यक्ष के तय होने के बाद ही यह फेरबदल पार्टी द्वारा किए जाएंगे। 

दरअसल, झाबुआ उप चुनाव जीतने के बाद अब कांग्रेस संगठन पर फोकस कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी सभी जिला अध्यक्षों के काम-काज की समीक्षा कर रही है। एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही फेरबदल किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जिन अध्यक्षों का काम काज बेहतर और ठीक रहा उन्हें पार्टी प्रदेश संगठन में जगह देगी। लेकिन जिन का काम संतोषजनक नहीं होगा उन्हें पद से हटाकर संगठन की अहम जिम्मेदारियों से भी दूर रखा जाएगा। यह फार्मूला AICC ने तय कर दिया है। इस फार्मूले के हिसाब से ही अब नए जिला अध्यक्ष बनाए जाएंगे। 

कांग्रेस के संगठनात्मक जिलों में करीब दो दर्जन जिला अध्यक्ष को पांच साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। यह माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस को इस महीने नया अध्यक्ष मिल सकता है। कांग्रेस आला कमान ने प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर पहले ही सभी से रायशुमारी करली है। अब सिर्फ नाम का ऐलान होना है। इसके बाद नए पीसीसी चीफ द्वारा बनाई जाने वाली टीम में जिला अध्यक्षों को लेकर यह फार्मूला लागू किया जाएगा।