असंतुष्टों को साधने की कवायद, जल्द हो सकता है कमलनाथ कैबिनेट का विस्तार

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भोपाल|  लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ कैबिनेट में विस्तार किया जा सकता है| सहयोगियों के समर्थन से बनी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से लगातार नाराजगी सामने आ रही है| इस चिंता ने कांग्रेस को परेशान कर रखा है| विधानसभा सत्र के दौरान भी कई नेताओं ने खुलकर मंत्री मंडल में जगह दिए जाने के आश्वासन की बात कही थी| मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली दौर पर हैं| यहां वे राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी से मुलाकात करेंगे|  इसके बाद वह विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं| कमलनाथ 24 से 26 जनवरी तक दावोस में रहेंगे|  संभावना है कि वहाँ से लौटने के बाद मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में विस्तार कर सकते हैं| इससे पहले वह राहुल गाँधी से मिलकर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा पूरी कर सकते हैं| 

प्रदेश की सियासत में कई तरह की चर्चाओं से माहौल गर्म है| एक तरफ कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका है और भाजपा नेताओं पर आरोप भी लगाए हैं| वहीं बीजेपी के कई दिग्गज नेता बार बार सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं और पांच साल सरकार नहीं चला पाने का खुला चैलेंज दे रहे हैं| जिसके चलते मुख्यमंत्री सरकार को मजबूती प्रदान करने के लिए नाराज विधायकों और सहयोगियों की कोशिश करेंगे| मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों के साथ बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों को भी मौका दिया जाएगा। कमलनाथ बसपा सुप्रीमो मायावती से भी चर्चा करेंगे। बसपा के दो विधायकों में से एक को ही मंत्री बनाया जाना है।

नारज नेताओं को साधने की कवायद 

कैबिनेट गठन के बाद सपा और बसपा के विधायकों को मंत्री नहीं बनाने पर दोनों ही दलों ने नाराजगी व्यक्त की थी| विधानसभा सत्र के दौरान बसपा विधायक ने तो चेतावनी भी दे डाली कि अगर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया तो हो विश्वासपात्र है, वह विश्वासघात भी कर सकता है, फिलहाल बसपा प्रमुख मायावती ने समर्थन दिया है, इसलिए कांग्रेस के साथ है| वहीं निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने भी कहा था कि मंत्री बनाने का उनसे वादा किया गया है, उन्हें उम्मीद है कि कैबिनेट विस्तार कर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जायेगी| इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक केपी सिंह और बिसाहूलाल सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। केपी सिंह की नाराजगी और अनुपस्थिति विधायक दल की बैठक में भी चर्चा का विषय रही। वे राहुल गांधी से भी इस संबंध में आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। बिसाहूलाल भी राहुल गांधी को शिकायत कर चुके हैं। आदिवासी नेता के नाम पर बिसाहूलाल को इस विस्तार में जगह मिल सकती है।  सपा के प्रदेश अध्यक्ष गौरीसिंह यादव भी कांग्रेस को चेतावनी दे चुके हैं। सपा के एकमात्र विधायक राजेश शुक्ल को जगह दी जा सकती है| फिलहाल मंत्रिमंडल में सीएम सहित 29 सदस्य है| छह और मंत्री बनाये जा सकते हैं|