पांच बार के सांसद टिकट नहीं मिलने से नाराज, कांग्रेस में जाने की अटकलें

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भिंड | लोकसभा चुनाव के लिए जारी की गई पहली सूची के बाद भाजपा में घमासान तेज हो गया है| बगावत शुरू हो गई है| भाजपा के पांच बार के सांसद रहे मुरैना के महापौर अशोक अर्गल भिंड से टिकट नहीं मिलने से नाराज हो गए हैं और उनके पार्टी से इस्तीफा देने के कयास लगाए जा रहे हैं| अशोक अर्गल कांग्रेस में जा सकते हैं| सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के बड़े नेता अर्गल से संपर्क में है| हालांकि अभी तक स्तिथि साफ़ नहीं है| आज शाम तक अर्गल बड़ा फैसला ले सकते हैं, इस बात की चर्चा सियासी गलियारों में तेज हो गई है वहीं भाजपा में हड़कंप मच गया है| 

दरअसल, भिंड दतिया संसदीय लोकसभा सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक संध्या राय को प्रत्याशी बनाया है| अशोक अर्गल यहां से दावेदारी कर रहे थे, इसके अलावा घनश्याम पिरोनिया सहित तमाम नेता भी टिकट की दौड़ में थे|  लेकिन अशोक अर्गल की ज्यादा संभावना थी|  परंतु भाजपा पार्टी ने वर्तमान सांसद भागीरथ प्रसाद का टिकट काटे जाने के साथ ही अशोक अर्गल को टिकट देने से वंचित रखा है। जिसके बाद से ही बगावती तेवर सामने आये हैं| सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा उफान पर है कि बीजेपी से 5 बार सांसद रह चुके तथा वर्तमान में मुरैना के महापौर अशोक अर्गल  कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं| कुछ बड़े नेता उनके संपर्क में है| 

इससे पहले अर्गल ने टिकट वितरण से नाराज होकर अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाल पर सवाल उठाये हैं| अर्गल ने कहा कि एक पार्टी में दो नियम कैसे हो सकते हैं। मैंने पांच साल इंतजार किया। उसके बाद भी टिकट नहीं दिया। जबकि दूसरे व्यक्ति (नरेंद्र तोमर) को पहले मुरैना से टिकट दिया जाता है। फिर मुरैना सीट छोड़कर ग्वालियर से मिल जाता है। उनकी जब इच्छा होती है, वे क्षेत्र बदल लेते हैं। पार्टी ने भिंड-दतिया सीट से ऐसे (संध्या राय) को टिकट दिया, जिसने मेरे महापौर के चुनाव में खुलकर मुझे हराने का प्रयास किया। अर्गल ने कहा कि मैं अब स्वतंत्र होना चाहता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि यह भाजपा अब दीनदयाल की भाजपा नहीं रही, पार्टी के टिकट वितरण के अन्याय पूर्ण रवैये से मैं दुखी हूं| 

अर्गल 1996, 1998, 1999 और 2004 में मुरैना से सांसद चुने गए| परिसीमन के बाद, भिंड एससी-आरक्षित सीट बन गई और अर्गल को मुरैना से स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने 2009 में भिंड जीता और लगातार पांचवीं बार लोकसभा गए। हालांकि, 2014 में उन्हें भाजपा के उम्मीदवारों की सूची से हटा दिया गया था। इस बार भी पार्टी ने अर्गल को छोड़कर भिंड में संध्या राय को मैदान में उतारा है| वहीं अर्गल के पिता भी मुरैना से ही सांसद रह चुके हैं।