‘कमलनाथ सरकार में शहीद का साहित्य बांटने पर हो जाते हैं निलंबित’

भोपाल। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक सरकारी स्कूल में वीर सावरकर फोटो छपी कापियां बांटने पर प्रचार्य को निलंबित कर दिया गया। अब इस मामले ने राजनीति मोड़ ले लिया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के अजब गजब सरकार है में ही ऐसा देखने को मिलेगा जहां क्रांतिकारी और शहीदों का साहित्य बांटने पर निबंलित कर दिया जाता है। 

उन्होंने दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि  जेएनयू के टूकड़े टूकड़े गैंग के सदस्यों के साथ नारे लगाने पर मध्य प्रदेश में फिल्म टैक्स फ्री हो जाती है लेकिन शहीदों का सहित्य बांटन पर प्रचार्य को निलंबित कर दिया जाता है। ये सिर्फ मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार में ही देखने को मिलेगा। 

गौरतलब है कि, वीर सावरकर को लेकर सेवादल में बांटी गई किताब पर अभी बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही जंग के शांत नहीं हुई थी कि इसी बीच रतलाम के एक सरकारी स्कूल में सावरकर की फोटो छपी कॉपियां बांटी गई। मामला सामने आते ही प्रिंसीपल को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कॉपियों का वितरण वीर सावरकर हितार्थ जनकल्याण समिति द्वारा निशुल्क किया गया था। कॉपियों के दोनों तरफ सावरकर के फोटो और जीवनी के साथ ही एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) के पदाधिकारियों के फोटो छपे थे। 

सरकारी हाईस्कूल मलसाहा के प्रिंसीपल आरएन केरावत को वीर सावरकर के फोटो छपी कॉपियां वितरित करने के लिए संभागायुक्त ने निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि स्कूल में कॉपियां चार नवंबर को बांटी गई थी, लेकिन मामले की शिकायत बाद में की गई और कलेक्टर में अब निलंबन कार्रवाई की है। प्राचार्य को स्कूल में नवाचार के लिए 2011 में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है।