सरकार लागू करने जा रही यह मॉडल, भूमाफियाओं में मचा हड़कंप

जबलपुर। जिले के बरगी विधानसभा का एक माॅडल जल्द ही पूरे प्रदेश मे लागू होने वाला है। ये माॅडल उन भूमाफियाओ की नींद उड़ा सकता है जो ग्रामीण क्षेत्रो मे गौचर या फिर आदिवासियो की ज़मीनो पर कब्ज़ा जमाए बैठे है। खास बात ये है कि इस माॅडल के तहत प्रत्येक गा्रम पंचायत मे आने वाले गाॅव का पूरा नक्शा प्रदर्षित किया जाएगा। जिसमे सरकारी, गौचर, निजी और कब्जेधारी भूमि का चिन्हांकन कर कब्ज़ेधारी भूमाफिया का नाम पर अंकित होगा। गाॅव की ज़मीन पर किसका कब्ज़ा है ? और कितनी एकड़ भूमि भूमाफिया निगल गया है? इन तमाम सवालों के जवाब अब ग्राम पंचायतों में मिल सकेंगे। 

दरअसल, जबलपुर के बरगी विधानसभा से विधायक के सुझाव की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इस पूरे प्रदेश मे लागू करने के आदेश दिए है। अमुमन ग्रामीण अचंलों की सरकारी ज़मीनों में कब्ज़ा होने की बात आम होती है लेकिन ये कब्ज़ा किसका है और कितन क्षेत्रफल में है अब इसकी जानकारी सार्वजनिक होगी। कांग्रेस विधायक के हाॅथों में दिख रहा नक्शा उसी माॅडल का एक उदाहरण है। जिसमें सरकारी, गौचर, वन भूमि, निजी भूति समेत कब्जाधारी भूमि का चयन किया जाएगा। इस सुविधा से एक ओर भूमाफिया उजागर होंगे वहीं आम किसानों को भी अपनी भूमि की जानकारी मिलेगी। 

विधायक ने दावा किया है कि अकेले उनकी ही विधानसभा में करीब एख हज़ार से ज्यादा एकड़ जमीन पर कब्ज़ा है। इन कब्ज़ेधारियों के चिन्हांकन के बाद उन भूमियों को कब्ज़ामुक्त कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।  जिला प्रशासन ने भी शासन से मिले निर्देश के बाद जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में इसका काम शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक जबलपुर जिले में कुल 7 जनपद पंचायतें शामिल है। इनमे 1508 गाॅव और 542 ग्राम पंचायतें आती है। इन गाॅवो का कुल क्षेत्रफल 5197 वर्ग किलोमीटर है 

ज़मीनो पर कब्जे करने की शिकायते आए दिन आती रहती है। आदिवासियो की ज़मीनो पर पिछले एक दशक मे दस्तावेज़ो को खुद बुर्द कर पहले ही भूमाफियाओ ने लूट लिया है। अब कम से कम गौचर समेत ग्रामीण क्षेत्र की शासकीय भूमि को बचाने विधायक के इस माॅडल को प्रदेशभर मे लागू करने की मुहिम अच्छी साबित हो सकती है।