प्रदेश के 70 हज़ार से अधिक कर्मचारियों को सौगात देने की तैयारी में सरकार

government-preparing-draft-of-promotion-policy-in-mp

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर लंब समय से अड़ंगा लगा है। अधिकारी और कर्मचारी अपने प्रमोशन के लिए लंबे समय से आस लगाए बैठे हैं। अब सरकार कर्मचारियों को जल्द ही प्रमोशन का तोहफा दे सकती है। सरकार कर्नाटक मॉडल पर प्रमोशन के नए नियम तैयार कर रही है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में प्रमोशन के लिए नए नियम बनाने की अनुमति दी है। प्रदेश सरकार भी इसी फार्मूले पर काम करते हुए नए नियम बना कर कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता निकाल रही है। असल में राज्य सरकार ने इस मामले में कानूनी राय मांगी थी। सरकार को सलाह दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले का निराकरण तक होने तक इंतजार किया जाए या फिर सरकार नए नियम बनाकर प्रमोशन दे सकती है। सरकार ने इन दोनों फॉर्मूले पर काम शुरू किया है। सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया जा रहा है कि मामले की जल्द सुनवाई शुरू हो। इधर, सामान्य प्रशासन विभाग से नए नियम बनाकर ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है। सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने उन्हें वचन दिया है। इसी वचन के तहत प्रयास शुरू हुए हैं। रास्ता जल्द निकलेगा। 

40 हजार से ज्यादा रिटायर्ड

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोक सेवा अधिनियन 2002 खारिज किए जाने के बाद से अब तक 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर्ड हो चुके हैं। 70 हज़ार से ज्यादा कर्मचारी प्रमोशन के इंतजार में हैं।