अतिथि विद्वान को किया जाएगा एडजस्ट, 4 हज़ार राजनैतिक मामले होंगे वापस

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही राजनौतिक फैसले वापस लेने जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ एक अहम बैठक की जाएगी। जिसमें पूर्व सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान करीब 4 हज़ार राजनैतिक मामलों को खत्म किया जाएगा। यह जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा आयोग चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के आदेश जारी करने के समय मुख्यमंत्री ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने तय किया था कि हर अतिथि विद्वान को जहां जगह रिक्त है वहां एडजस्ट करेगी। 

उन्होंने बताया कि, प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले वकीलों को सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वह सरकार पक्ष पूरी तैयारी के साथ रखें। जबतक फैसला नहीं आ जाता वेतन स्केल के मुताबिक पदनाम दिए जाएंगे। उन्होंने हमीदिया अस्पतालो में मुफ्त इलाज के खत्म होने की खबर का खंडन करते हुए उसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया। हमीदिया अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। बीपीएल कार्ड धारकों को मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण मामले को लेकर सरकार काफी चिंतित है। दिल्ली जैसे हालात न बनें इसलिए हम प्रदेश इलेक्ट्रिक बस शुरू करेंगे। राजधानी भोपाल में इसका ट्रायल के तौर पर 9 इलेक्ट्रिक बस भोपाल में मार्च से शुरू होगी। ट्रायल सफल तो पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। हंगरी की कम्पनी मप्र में इलेक्ट्रिक बस के लिए फैक्ट्री लगाएगी। 

मंदिर मठ के लिए एक ही एक्ट होगा लागू

उन्होंने कहा कि विधानसबा में आठ हज़ार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। प्रदेश के मठ मंदिरों के लिए अब प्रदेश में एक ही एक्ट लागू होगा। इसमें सरकार सदस्यों की संख्या बढ़ाएगी।सामाजिक सुरक्षा पेंशन घोटाले की रिपोर्ट पटल पर रखी जायेगी।