अतिथि विद्वानों ने खून से लिखा सोनिया गांधी को पत्र, नियमितीकरण का वादा याद दिलाया

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भोपाल/इंदौर।

मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वान बीते एक महीने स धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए। अतिथि विद्वानों के इस धरने प्रदर्शन से सरकार घिर गई है। यही नहीं अब अतिथि विद्वानों ने खून से एक पत्र कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को भेजा है। जिसमें उन्होंने नियमितीकरण का वादा पार्टी को याद दिलाया है। उधर, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने अतिथि विद्वानों से धरना समाप्त करने और काम पर लौटने के लिए कहा है। 

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि कमलनाथ सरकार  पूरी सकारात्मकता से एक-एक अतिथि विद्वान के हितों की रक्षा कर रही है. उन्होंने कहा कि अतिथि विद्वानों के रिक्रूटमेंट (recruitment) का कैलेंडर निकला हुआ है, जो अतिथि विद्वान रिक्रूट होते जाएं वो काम पर जाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था बनी रहे. उन्होंने कहा कि धरने पर बैठने से कुछ नहीं होगा. लोकतंत्र में सकारात्मक विरोध होना चाहिए लेकिन जब सरकार सब चीज आपके हिसाब से कर रही है तो में मेरा आग्रह है कि वो धरने से उठ जाएं.

एक महीने से धरने पर हैं अतिथि विद्वान

नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश के कॉलेजों के अतिथि विद्वान पिछले एक महीने से हड़ताल पर हैं. पहले उन्होंने 2 दिसम्बर से पिपरिया से पदयात्रा निकाली और उसके बाद वे भोपाल में कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे धरना दे रहे हैं.

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