गुना सांसद केपी यादव का जाति प्रमाण पत्र निरस्त, बढ़ सकती है मुसीबत

अशोकनगर| गुना संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद डॉक्टर के पी यादव एवं उनके पुत्र सार्थक यादव द्वारा गलत जानकारी देकर बनवाए गए क्रीमीलेयर से बाहर के पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र को मुंगावली एसडीएम के द्वारा निरस्त कर दिया गया है| इस कार्रवाई के बाद गुना सांसद डॉ केपी यादव की मुसीबतें बढ़ सकती है ,क्योंकि शिकायतकर्ताओं ने अब  सांसद श्री यादव के खिलाफ धोखाधड़ी एवं असत्य जानकारी देने का मामला दर्ज कराने की मांग की।

कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सुर्खियों में आये डॉक्टर के पी यादव की मुसीबतें बढ़ सकती है।  मुंगावली  के  कॉंग्रेस विधायक बृजेंद्र सिंह यादव ने बीते माह प्रशासन को एक शिकायत की थी । इसमें कहा गया था कि डॉक्टर के पी यादव द्वारा 20.12. 2014 में पिछड़ा वर्ग का जो जाति प्रमाण पत्र हासिल किया है ,उस दौरान उन्होंने अपनी आय एक लाख रु से कम होना बताई थी। साथ ही 22.7. 2019 में उनके पुत्र सार्थक यादव ने जो जाति प्रमाण पत्र हासिल किया है । उसमें आय 5 लाख रु से कम दर्शाई गई है। विधायक ने शिकायत में लिखा है, कि दोनों ही शपथ पत्रों में डॉ के पी यादव एवं उसके परिवार की जो आय दर्शाई गई है वास्तविक आय से उससे अधिक रही है । इसके लिए उन्होंने डॉ के पी यादव के द्वारा चुनाव के दौरान भरे शपथ पत्र एवं आय के अन्य दस्तावेज पेश किए थे। जिनमें 2014 में उनकी आय एक लाख से ज्यादा एवं 2019 में 5 लाख से अधिक पाई गई है। मुंगावली  एसडीएम ने इसकी जांच कराई जिसमे विधायक की शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद क्रीमिलियर से बाहर छात्रवृत्ति एवं आरक्षण में लाभ के उद्देश्य से बनवाये गये क्रीमीलेयर से बाहर के पिछड़े वर्ग का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।

मामला दर्ज करने की मांग 

मुंगावली विधायक बृजेंद्र यादव ने सांसद डॉक्टर के पी यादव एवं उसके बेटे के जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद उन पर धोखाधड़ी एवं गलत जानकारी देने का मामला दर्ज करने की मांग की है। जानकार बताते हैं कि अगर विधायक की मांग पर सांसद के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उनके खिलाफ जो धाराएं बनती है ,उसमें 7 वर्ष तक की सजा बताई जा रही है। ऐसे में सांसद श्री यादव की मुसीबतें बढ़ सकती है। कांग्रेस सूत्रों की माने तो पार्टी इस मुद्दे पर मुखर है और सांसद के खिलाफ किसी भी स्तर तक जाने की तैयारी में है। अगर मामला दर्ज  होता है ,तो डॉक्टर के पी यादव की सांसदी पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।