Guru Gobind Singh Jayanti 2022 : गुरु गोबिंद सिंह जयंती आज, सेवा और बलिदान की अद्भुत मिसाल

Guru Gobind Singh Jayanti 2022 : आज सिखों के दसवें और अंतिम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की जयंती है। उन्होंने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब (Guru Granth Sahib) को पूर्ण किया। उनकी जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रकाशोत्सव की बधाई देते हुए उन्हें नमन किया है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गुरु गोबिंद सिंह की जयंती मनाई जाती है। उन्हें कई तरह की उपाधियां दी गई है लेकिन सबसे अधिक सरबंस दानी कहा जाता है। मुगलों से लोहा लेने और कमजोर लोगों को बचाने के लिए उन्होने स्वयं सहित पूरा परिवार न्योछावर कर दिया। उनके पिता गुरु तेगबहादुर, मां और चारों बेटों सहित पूरे परिवार ने इस धर्म युद्ध में वीरगति प्राप्त की थी। इसीलिए उनके लिए कहा जाता है ‘चार पुत वारे, पंचवीं मां वारी, छठा बाप वारया और सतवां आप वारया। सत्त वार के कहदां- भाणा मीट्ठा लागे तेरा, सरबंस दानिया वे देना कौन दउगा तेरा।’ उन्होने अपने चार पुत्रों का भी बलिदान किया था और इसके लिए स्वयं उनके वचन थे ‘इन पुतन के सीस पर वार दिए सुत चार। चार मुए तो क्या हुआ, जीवत कई हज़ार।’ ॉ

बता दें कि दो दिन पहले 27 दिसंबर को उनके दो पुत्रों बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह का बलिदान दिवस था और देश में वीर बाल दिवस मनाया गया था। जोरावर सिंह केवल 9 वर्ष के थे और फतेह सिंह 7 वर्ष के। इन्हें बंदी बना लिया गया था और धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। लेकिन दोनों वीर बालकों ने इसे अस्वीकर कर दिया और उसके बदले उन्हें दीवार में चुनवा दिया गया। इस तरह गुरु गोबिंद सिंह और उनके पूरे परिवार ने बलिदान की श्रेष्ठ मिसाल कायम की। सीएम शिवराज ने उन्हें नमन करते हुए कहा है कि ‘अपने द्वारा किये गए अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं-गुरु गोबिन्द सिंह। सिखों के दसवें गुरु, साहिब-ए-कमाल, श्रद्धेय गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर कोटि-कोटि नमन् करता हूं। आपकी शिक्षाएं सदैव धर्म एवं मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।’