शहडोल में 6 नवजातोंं की मौत के मामले में सीएमएचओ और सिविल सर्जन को हटाया गया

शहडोल। मो. अनीश तिगाला। 

कुशाभाऊ ठाकरे चिकित्सालय  शहडोल में  हुई सोमवार व मंगलवार के दरमियान 6 बच्चों की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट प्रमुख सचिव के साथ बुधवार को यहां पहुंचे थे , उन्होंने करीब 1 घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया,  विभिन्न वार्डो में भर्ती मरीजों का कुशल क्षेम भी जाना , स्वास्थ्य मंत्री जब बाहर निकलकर हेलीपैड की ओर जा रहे थे,, उसी दौरान अस्पताल परिसर के अंदर ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार में राजस्व मंत्री रहे जय सिंह मरावी के साथ भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर आ गए, उन्होंने पहले ज्ञापन देकर इस संदर्भ में चर्चा की और कार्यवाही की मांग की लेकिन थोड़ी ही देर में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता धक्का-मुक्की पर उतर आए, अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सराफ और युवा नेता मनु सिंह ने बीच में आकर बीच बचाव किया।

 इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से हैलीपैड में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि बच्चों की मौत की घटना दुखद विषय है, इसमें राजनीति करना केवल भाजपा का ही काम है , भाजपा को बच्चों के मौत या दुख से कोई लेना देना नहीं है, वह तो इस मामले को राजनीतिकरण करना चाहती हैं । वही कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने कहा कि यह राजनीति करने का मौका नहीं है 15 सालों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार रही इस दौरान कई घटनाएं हुई लेकिन भाजपाइयों ने उसी समय यदि व्यवस्था में सुधार कर लिया होता तो आज बच्चों की असामयिक मौत नहीं होती , उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह मीडिया के माध्यम से जब यह जानकारी प्रदेश के मुखिया और स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया यही कारण था कि, संज्ञान में आने के अगले 24 घंटों के अंदर स्वास्थ्य मंत्री ने सहित पंचायत मंत्री और प्रभारी मंत्री अपने पूरे कार्यक्रमों को रद्द कर शहडोल आए और उन्होंने अस्पताल का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से कुशल क्षेम पूछा , श्री सिंह ने जिला चिकित्सालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा की गई धक्का-मुक्की की कड़ी भर्त्सना की।

गौरतलब है कि बच्चों की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने भोपाल लौटते लौटते हेलीपैड से पत्रकारों के साथ की गई वार्ता में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश पांडे और सिविल सर्जन डॉ उमेश नामदेव को कार्यमुक्त करने की बातें भी कहीं। और देर शाम तक  प्रभारी कलेक्टर पारस जायसवाल नहीं ने सिविल सर्जन व सीएम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उनके कर्तव्य से कार्यमुक्त कर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जांच तक संलग्न किया है।