मंदसौर गोलीकांड: शिवराज सरकार को क्लीनचिट! गृहमंत्री ने कहा- हिंसक भीड़ को रोकने चलाई गोली

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भोपाल। मध्य प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति में भूचाल लाने वाले मंदसौर गोलीकांड का मामला एक बार फिर सुखियों में है। विपक्ष रहते हुए कांग्रेस ने जिस गोलीकांड को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गाँधी ने मंदसौर में सभा कर इस गोलीकांड को चुनावी मुद्दा बनाया, वहीं कमलनाथ सरकार ने किसानों पर चलाई गई गोली का कारण आत्मरक्षा बताया है। विधानसभा में सोमवार को गृह मंत्री बाला बच्चन ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम श्रवण भंडारी ने आत्मरक्षा में और शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए गोली चलाने का निर्देश दिया।

जानकारी के मुताबिक विधानसभा में विधायक हर्ष विजय गहलोत द्वारा गृह विभाग से मंदसौर गोलीकांड का कारण पूछा गया था। प्रश्न के लिखित जवाब में गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम ने आत्मरक्षा में और सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए गोली चलने के निर्देश दिए गए थे। अब सवाल खड़े हो रहे हैं,  जिस मुद्दे पर कांग्रेस तत्कालीन सरकार को घेरे हुए थी, अब सत्ता में आने के बाद शिवराज सरकार को क्लीन चिट दे रही है।  हालाँकि, बच्चन ने बताया कि घटना के संबंध में मध्यप्रदेश शासन द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए सेवानिवृत न्यायमूर्ति जे के जैन को जांच सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट पर परीक्षण के बाद कार्यवाही की जाएगी।

सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने चलाई गोली 

गृह मंत्री बाला बच्चन ने आज विधानसभा में कहा कि छह जून 2017 को मंदसौर में महू-नीमच हाईवे रोड बही चौपाटी पर कार्यपालिक दंडाधिकारी की गैरमौजूदगी में पुलिस ने मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मरक्षा में और निजी-शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए गोलीबारी की। पिपल्यामंडी में मल्हारगढ़ एसडीएम श्रवण भंडारी ने अनियंत्रित भीड़ को रोकने और संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए विधिक प्रक्रिया के मुताबिक गोली चलाने का आदेश दिया।