काबिलियत की कद्र नहीं इसलिए मैंने और साथियों ने कांग्रेस छोड़ी: ज्योतिरादित्य सिंधिया

इंदौर, आकाश धोलपुरे

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज सोमवार को मप्र के दौरे पर है। सिंधिया सबसे पहले उज्जैन के महाकाल के मंदिर दर्शन करने पहुंचे फिर इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस और पिछली कमलनाथ सरकार को जमकर घेरा। सिंधिया ने कहा कि सत्ता जाने के बाद कांग्रेस छटपटा रही है। मैंने और साथी विधायकों ने अंतरात्मा की आवाज सुनकर कांग्रेस पार्टी छोड़ी। कांग्रेस में काबिलियत की कद्र नहीं है।

राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार सिंधिया इंदौर पहुंचे । इंदौर में सिंधिया ने सबसे पहले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया और कहा इस राष्ट्र के निर्माण में एक एक ईंट जोड़ने का काम उन्होंने किया था। उज्जैन में शाही सवारी में भाग लेने आये सिंधिया ने इंदौर में कहा राजनीतिक माहौल स्वभाविक तौर पर गरमाया हुआ है क्योंकि कांग्रेस की प्रदेश में 15 महीनों की जो सरकार रही थी और जिस पैमाने पर भ्रष्टाचार और वादा खिलाफी देखी ऐसे कीर्तिमान स्थापित होते हुए मैंने अपने 20 साल के राजनीतिक जीवन मे नही देखे है।

इसी वजह है से प्रदेश के 22 जनप्रतिनिधियों जिनमे 6 कैबिनेट मंत्री शामिल थे सबने निर्णय लिया कि अत्याचारी और दोगली सरकार के विरूध जनता के सम्मान में जमीन पर उतरकर कार्य करेंगे। सभी को विश्वास है कि त्रिमूर्ति के रूप में मोदी – शाह – नड्डा के नेतृत्व में केवल भारत की प्रगति और विकास सुनिश्चित नही होगा बल्कि उसी के साथ भारत के संविधान, एकता अखंडता की रक्षा भी उनके हाथों में ही सुरक्षित है। वही कांग्रेज़ की 15 माह की सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा की जो लोग मीडिया में फ़िल्म बनाते है उनको आने वाले महीनों में जनता की अदालत में जबाव मिलने वाला है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कुर्सी की छटपटाहट है और वो किसी भी हाल में कुर्सी चाहते है लेकिन हम लोगो को कुर्सी की फिक्र नही है और ये हमने करके भी दिखाया है। 15 साल बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी 6 कैबिनट मंत्रियों ने एक क्षण भी नही लिया उन्होंने सत्य का रास्ता पकड़ने के लिए और मैंने कई बार कहा है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन सत्य पराजित नही हो सकता है। अब कांग्रेस कुछ भी कहे उनको कहने का हक है लेकिन हम कुक नही कहना चाहते है बल्कि हम तो जनता के विश्वास पर खरा उतरना चाहते है। सिंधिया ने कहा कि मैं 2002 से जब से मैंने जनसेवा का पथ अपनाया तब से मैं जनसेवक था, हूं और जीवन के अंत तक जनसेवक रहूँगा। उन्होंने इंदौर में कहा कि कुर्सी के खेल में हम लोग न गए जनता का सम्मान जीतना ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

वही राजस्थान के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट उनके मित्र है और सचिन पायलट जनसेवा के पथ में मेरे साथ पिछले 20 साल से रहे है। जो पीड़ा उन्होंने उठाई है उससे मैं ही बल्कि सब लोग वाकिफ है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि आज कांग्रेस में काबिलियत पर प्रश्न उठाये जाते है जो दुःख की बात है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने ये भी कहा कि कांग्रेस से न मुझे कोई अपेक्षा और ना ही किसी को होनी चाहिये कांग्रेस को केवल कुर्सी की चिंता है। वही उन्होंने अपनी दादी और पिता पर गर्व करते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने सत्य का रास्ता अपनाया था उसी तरह मैने परिवार से प्रेरणा लेते मैंने जनता का सत्य का झंडा उठाया है। वही उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मेरी अन्तरात्मा के प्रश्नों का जबाव देना न कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसियों के प्रश्नों के जबाव देना और मैं केवल जनता के प्रश्नों और अपनी अंतरात्मा के सवालो का जबाव दूंगा।
वही सोशल मीडिया के माध्यम से कोई आपत्तिजनक बात किसी के विरुद्ध नही की जानी चाहिए इस बात का समर्थन किया वही अयोध्या में राम मंदिर के ताला खोलने के विरोधभासी कांग्रेस बयानों पर तंज कसते हुए सिंधिया ने कहा कांग्रेस को ही ये पता नही की उनके नेता ने क्या किया या क्या नही क़िया। वही उन्होंने कहा कि कांग्रेज़ जिन मुद्दों और वादो पर विफल रही है उस मुद्दों को शिवराज और बीजेपी की सरकार जरूर देखेगी जिसका मुझे विश्वास है।
वही कोरोना के बढ़ते प्रभाव के लिए सिंधिया ने सबसे बड़ा जिम्मेदार कमलनाथ सरकार को बताया और कहा कि न सीएम ने और न सरकार ने कोरोना मामले एक बैठक भी नही रखी। वही उन्होंने बताया कि आज कोरोना की स्थिति काबू में है और उन्होंने सीएम शिवराज की तारीफ कर कहा कि अकेले 20 घण्टे रोज काम कर उन्होंने पूर्ण रूप से कोरोना पर काबू पाया है।
वही सिंधिया ने धोनी की विदाई पर कहा कि एम.एस. धोनी का इंडियन और वर्ल्ड क्रिकेट में जो योगदान दिया है उसके लिए पूरा भारत उनका ऋणी है।

 

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