International Literacy Day 2022 : पढ़ने लिखने को समर्पित दिन, जानिये विश्व साक्षरता दिवस का महत्व

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज विश्व साक्षरता दिवस (International Literacy Day 2022) है। शिक्षा ज्ञान और विकास का द्वार है और किसी भी देश में कितने लोग साक्षर हैं इसपर वहां की उन्नति और समृद्धि निर्भर करती है। आज का दिन लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश से मनाया जाता है। इस साल साक्षरता दिवस की थीम “ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेस” (Transforming Literacy Learning Spaces) है। इस अवसर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सभी को शुभकामाएं दी हैं।

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पहली बार वर्ष 1966 में साक्षरता दिवस मनाया गया था। 7 नवंबर 1965 को यूनेस्को ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का फैसला लिया। इसके बात अगले साल यानी 1966 से हर साल 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है कि लोग ये बात समझें कि जीवन में शिक्षा कितनी आवश्यक है और इसके महत्व को समझते हुए अधिक से अधिक लोग साक्षर हों। जिस देश की शिक्षा दर जितनी अधिक होती है, वो उतनी ही तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ता है।

शिक्षा एक मूलभूत अधिकार है और हर बच्चे को इसे हासिल करने का हक है। भारत में केरल सबसे अधिक साक्षरता वाला राज्य है। वहीं बिहार में ये दर सबसे कम है। उत्तर प्रदेश पांच सबसे कम साक्षरता वाले राज्यों में शामिल हैं। हमारे देश में अभी भी विश्व के मुकाबले साक्षरता दर काफी नीचे हैं। साल 2011 में भारत की कुल साक्षरता दर 74.4% है, जिसमें पुरुष की साक्षरता 82.37 % और महिलाओं का साक्षरता का आंकड़ा 65.79 % है। हम सभी को शिक्षा का महत्व समझना होगा और इस बात के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे कि अधिक से अधिक लोग शिक्षा हासिल कर सकें और साक्षर बनें।