दुनिया के आतंकरोधी विशेषज्ञों के साथ MP के IPS मनीश शंकर शर्मा का व्याख्यान आज

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भोपाल।

भारत के प्रमुख विचारकों में शुमार ग्लोबल काउंटर टेररिज़म काउन्सिल(GCTC ) द्वारा “Radicalisation, Violent Extremism and Terrorism during and after COVID-19“ विषय पर आयोजित वेबिनार (webinar) में आतंकवाद निरोधी विशेषज्ञ एवं मध्यप्रदेश(madhyapradesh) के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(Additional Director General of Police) मनीष शंकर शर्मा(mani shankar sharma) का व्याख्यान आज शनिवार को आयोजित होगा। इस व्याख्यान में अन्य विश्व विख्यात हस्तियों (पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री, अफ़ग़ानिस्तान तथा बांग्लादेश के वरिष्ठ राजदूत, भारतीय सेना के जनरल, ख़ुफ़िया एजेन्सी ISI के पूर्व प्रमुख, विश्व विख्यात शोधकर्ता सय्यद चिशती) भी शामिल होंगे। यह सुनने के लिए गुगल मीट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

दरअसल मध्यप्रदेश में GCTC ग्लोबल काउंटर टेररिज़म काउन्सिल द्वारा शनिवार को व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी अगुआई मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष शंकर शर्मा करेंगे। लॉकडाउन के दौरान हुए सामाजिक, कट्टरपंथी, हिंसात्मक अतिवाद को लेकर वो विस्तृत चर्चा करेंगे। इस व्याख्यान में कई अन्य देशों के वरिष्ठ विषय जानकार भी शामिल होंगे।

कौन है मनीष शंकर शर्मा

बता दे कि मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी मनीष शंकर शर्मा वही है जिन्हें हाल ही में देश की निजी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी सर्वोच्च संस्था सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (कैप्सी) की ओर से प्रतिष्ठित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अवार्ड’ से सम्मानित किया था।मनीष को यह सम्मान निजी सुरक्षा व्यवसाय के लिए निरंतर उत्कृष्ट प्रतिबद्धता और अथक सेवाभाव के लिए दिया गया।

इंदौर के डेली काॅलेज में हुई है पढ़ाई

मनीष शंकर शर्मा का इंदौर से पुराना रिश्ता है। वे मूल रूप से होशंगाबाद के निवासी हैं, उनके पिता केएस शर्मा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके हैं। डेली काॅलेज से स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने भोपाल से ग्रैजुएशन किया और इसके बाद बिड़ला इंस्टीट्यूट पिलानी से एमबीए किया। आईपीएस में चयन के बाद वे संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत बोस्निया और हर्जेगोविना में प्रतिनियुक्ति पर रहे थे, जहां उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी थी।

क्या है GCTC

जैसा कि आपको ज्ञात है कि GCTC का ये आयोजन बेहद उत्कृष्ट तरीके से किया जाता है किन्तु इस बार कोरोना महामारी की वजह से ये आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है। हालाँकि GCTC ने कहा है कि सामाजिक गड़बड़ी ने हमें दुनिया से काट दिया है लेकिन वेब पहुंच एक ऐसा विकल्प है जो हमें दूर बैठकर भी जोड़ता है। GCTC ने ये भी कहा है कि विद्वानों, कार्यालयों, पत्रकारों और कई डोमेन विशेषज्ञों के साथ सुरक्षा, कूटनीति और शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए आभासी बुद्धिशीलता सत्रों की एक श्रृंखला उपयोगी है। GCTC मंथन में “कट्टरपंथी, हिंसात्मक अतिवाद और आतंकवाद: COVID-19 के दौरान और बाद के विषय” पर चर्चा की जाएगी। अतिथि वक्ता विविध क्षेत्रों और असंख्य क्षेत्रों के वरिष्ठ हैं।

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