कमलनाथ कैबिनेट की बैठक खत्म, इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

भोपाल।

कमलनाथ कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में एक दर्जन से ज्यादा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वही  कैबिनेट के सदस्यो ने सीएम कमलनाथ का सम्मान किया गया। साथ ही मैग्नीफिसेंट एमपी इन्वेस्टर समिट और झाबुआ चुनाव में कांग्रेस की जीत को लेकर कैबिनेट मंत्रियों ने सीएम को बधाई दी।बैठक खत्म होने के बाद मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मीडिया को दी।कैबिनेट में सभी मंत्रियों ने किसानों के लिए एक एक महिने का वेतन दिया। वही केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली में जाकर धरना देने की बात कही।

वही मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार द्वारा अतिवृष्टि के लिए राहत पैकेज ना दे दिए जाने को लेकर चिंता जताई गई। साथ ही कहा गया कि केंद्र सरकार मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव कर रही है। मंत्रियों ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी 4 नवंबर को मध्यप्रदेश में जो प्रदर्शन करने जा रही है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के घर के बाहर करना चाहिए ताकि केंद्र सरकार मध्य प्रदेश को राहत की राशि दे दें।

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

-वरिष्ठ पत्रकारो को मिलने वाली सम्मान राशि को 7 हजार से बढाकर 10 हजार किया गया।

-मंत्री मंडल के सभी सदस्यों ने एक महीने की सैलरी अतिवृष्टी प्रभावितो के सहायता के लिए दी।

-मध्यप्रदेश राज्य पुन निर्माण कोष का भी किया गया गठन। ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य बना। प्राकृतिक आपदा के दौरान इस कोष के माध्यम से मदद की जाएगी।

-मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मिली हरी झंडी।

–प्रदेश में लगने वाले 2640 मेगावॉट बिजली प्लांट के लिए कोयले खरीदी का प्रस्ताव पास किया गया, बिजली उत्पादन के लिए कोल इंडिया से ये कोयला खरीदा जाएगा। 

– हेलिकॉप्टर की निवादा नहीं आने के कारण इसका वापस से ऑक्शन किया जाएगा। प्रदेश सरकार का पुराना हवाई जहाज बेचकर नया हवाई जहाज खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है। सरकार 59 करोड़ रुपए में सात सीटर नया हवाई जहाज खरीदेगी। हरियाणा सरकार ने दो महीने पहले ही ऐसा विमान खरीदा है।

-मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन नियम 2017 को और सख्त बनाने के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।इसमें नेताओं के स्वागत, जन्म दिन आदि के बैनर-पाेस्टर सड़काें या निजी मकानाें पर लगाने के लिए अब नगर निगम की अनुमति लेनी हाेगी।अनुमति देने के लिए निगम इसकी फीस भी लेगा।यदि बिना अनुमति पाेस्टर-बैनर लगाए गए ताे निगम उन्हें अवैध मानकर हटा देगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here