कमलनाथ कैबिनेट बैठक आज, इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में आज सोमवार को शाम पांच बजे कैबिनेट की बैठक होना है।बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।बैठक में कर्मचारियों के डीए बढाने, आरक्षण और छतरपुर की हीरा खदान की नीलामी के अलावा कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग लोकसेवा में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने संबंधी विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेगा। इसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। विधानसभा सत्र के पहले यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

इस बैठक में आज कमलनाथ सरकार राज्य के चार लाख से अधिक कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देगी। सरकार कर्मचारियों अधिकारियों का तीन प्रतिशत डीए बढ़ाने जा रही है।इसके बाद कर्मचारियों को भी केंद्र के समान 1 जनवरी 2019 से बढा डीए मिलेगा।वर्तमान में राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार 9% महंगाई भत्ता दे रही है। वृद्धि के बाद इन्हें नौ की जगह 12 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा।

इसके साथ ही किसानों के ऊपर दर्ज केस की फाइल आज गृहमंत्री बाला बच्चन कैबिनेट में रख सकते हैं, जिसमें किसानों के ऊपर हुए मामले दर्ज वापस लिए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने पिछली कैबिनेट बैठक में गृह मंत्री को इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके मद्देनजर गृह मंत्री और विधि मंत्री पीसी शर्मा ने शनिवार को बैठक कर 371 प्रकरणों की समीक्षा की थी।

इसके अलावा बैठक में छतरपुर की हीरा खदान की नीलामी को स्वीकृति भी दी जाएगी। यह मामला काफी समय से लंबित था। बैठक में इसके अलावा ओबीसी आरक्षण में वृद्धि के अध्यादेश को मंजूरी देने के साथ विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले संशोधित विधेयक को स्वीकृति मिलेगी।सरकार ने इससे संबंधित अध्यादेश के जरिए अन्य पिछड़ा वर्ग को सरकारी नौकरियों में 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया है। इसके हिसाब से सभी विभागों को अपने भर्ती नियमों में संशोधन करना है, जो अभी तक नहीं हुआ है। प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजातियों को 36 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है।

श्योपुर के जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंचे मरीजों के अंधे होने के मामले में दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई का प्रस्ताव भी आएगा। आंखफोड़वा कांड के नाम से चर्चित इस मामले में जनवरी 2016 में 66 मरीजों में से 17 मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अंधे हो गए थे। इसमें डॉ. एके तिवारी पर कार्रवाई का प्रस्ताव अब कैबिनेट में आएगा। इसके अलावा विभिन्न कर्मचारियों की पेंशन रोकने सहित अन्य कार्रवाई संबंधित प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।