केक पर कड़वाहट : नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ की तुलना गौरी और गजनवी से की

Narottam Mishra on Kamal Nath Cake Controversy : गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने कमलनाथ की तुलना मोहम्मद गौरी और महमूद गजनबी से की है। उन्होने कहा कि कमलनाथ के कृत्य उनकी याद दिला देते हैं। गृहमंत्री कमलनाथ द्वारा हनुमान जी की तस्वीर वाला मंदिरनुमा केक काटने के मामले में प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होने कहा कि राहुल गांधी और कमलनाथ चुनावी हिंदू है और हिंदुओं की धार्मिक आस्था पर लगातार कुठाराघात करना कांग्रेस का शगल बन गया है।

गृहमंत्री ने कमलनाथ को आड़े हाथों लिया

बता दें कि दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में एक केक काटा था। मंदिर की प्रतिकृति वाला केक पर हनुमान जी का चित्र था। इसी मामले पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने कमलनाथ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ‘मंदिर की प्रतिकृति जिसमें भगवान हनुमान जी का चित्र था उसा बर्थडे केक बनाकर टुकड़े-टुकड़े कर देना सनातनी होने का दावा करने वाले कमलनाथ जी और राहुल जी, मंदिर और मूर्तियों को ध्वस्त करने का निंदनीय घोर कृत्य मोहम्मद गौरी और महमूद गजनबी ने किया था। ये उनकी याद दिला देता है। अपनी मानसिकता बदलिये। आस्थाओं पर कुठाराघात मत कीजिए। चुनावी हिंदू मत बनिए। आप और आपके नेता राहुल गाँधी जी पूरी यात्रा में कहीं मंदिर नहीं गए लेकिन मध्यप्रदेश आने पर नया विवाद खड़ा कर दिया। ये धर्म के विवाद आप जानबूझकर खड़े करते हैं। अभी दो दिन पहले जूते पहनकर भजन कर रहे थे।  लगातार धार्मिक आस्थाओं पर कुठाराघात बंद करिए और जो मंदिर भगवान की प्रतिकृति के टुकड़े-टुकड़े किए हैं उसके लिए भगवान से क्षमा मांगिये।’ उन्होने कहा कि राहुल गांधी पूरी यात्रा के दौरान कहीं मंदिर नहीं गए लेकिन मध्यप्रदेश में मंदिर जाएंगे क्योंकि 2023 में यहां विधानसभा चुनाव है।

वहीं प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने भी कमलनाथ की आलोचना करते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है। उन्होने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘राममंदिर के विरोधी कमलनाथ ने मंदिर की आकृति का केक काटकर जन्मदिवस मनाया। यह हिंदुओं की आस्था का अपमान नहीं तो और क्या है। क्या कमलनाथ सोनिया गाँधी या राहुल गाँधी के फोटो वाले केक को काटकर जन्मदिबस मना सकते हैं नहीं तो फिर मंदिर को कैसे काटा ??? कमलनाथ माफ़ी मांगों।’

केक और कमलनाथ

पिछले कुछ समय से कमलनाथ लगातार विवादों में घिरे हैं। कुछ समय पहले ही प्रकाश पर्व पर इंदौर के खालसा कॉलेज में कमलनाथ के जाने पर कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी ने कड़ा विरोध किया था और कसम ली थी कि वो फिर कभी इंदौर नहीं आएंगे। चौरासी के सिख विरोधी दंगों में कमलनाथ का नाम होने के कारण ये विरोध किया गया। हाल ही में कमलनाथ जूते पहनकर भजन करते देखे गए, जिसपर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज की थी। अब एक बार फिर केक और कमलनाथ का विवाद छिड़ गया है, जिसमें मंदिर की आकृति वाला केक काटने पर बवाल है। इसे लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान पहले ही उन्हें बगुला भगत कह चुके हैं। अब गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उनकी तुलना मोहम्मद गौरी और महमद गजनवी से कर दी है।