भोपाल| जमीन अधिग्रहण के दौरान मौजूदा व्यवस्था से भूमिस्वामी को होने वाली परेशानी को सरकार ने ख़त्म करने का बड़ा फैसला किया है| अब भूमि का अधिग्रहण किये जाने के बाद मालिक को मुआवजे के लिए सालों का इन्तजार नहीं करना पड़ेगा| प्रदेश में उद्योगों, सरकारी प्रोजेक्ट्स और अन्य कार्यों के लिए भूमि का अधिग्रहण कलेक्टर तभी कर सकेंगे जब जमीन लेने के लिए आवेदन करने वाली संस्था दिए जाने वाले मुआवजे का अस्सी फीसदी सरकार के खाते में जमा करा देगी| 

दरअसल, प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमे अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से भूमि स्वामी कोर्ट जा चुके हैं  और ऐसे में उन्हें ब्याज के साथ राशि का भुगतान करना पड़ा| ऐसी स्तिथि भविष्य और न बने इसको लेकर सरकार ने संचाई, उद्योग, भवन, खेल मैदान समेत अन्य शासकीय और गैर शासकीय कार्यों के लिए पूर्व में किये गए भूमि अधिग्रहण के बाद सालों तक भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो पाने की स्तिथि को देखते हुए यह फैसला किया है| 

सरकार के फैसले के आधार पर राजस्व विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसमे भू अर्जन पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम में संसोधन किया है| इस पर अमल के लिए जल्द ही कलेक्टरों को अलग से आदेश जारी किये जाएंगे| नए प्रावधानों में अब कुल मुआवजा राशि का अस्सी फीसदी जमा करना होगा|