दिग्विजय को एयर स्ट्राइक के सबूत मांगना पड़ा महंगा, पार्टी ने किया किनारा

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भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले बयान को लेकर अलग थलग पड़ गये हैं। उनके बयान देने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनसे किनारा कर लिया है। इसके अलावा वह खुद भारत और पाक के बीच चल रहे तनाव में कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। राज्य सरकार ने वायु सेना की हौसला अफजाई करने के लिए भारतीयम कार्यक्रम का आयोजन करवाया था। लेकिन इसके उलट सिंह एयर स्ट्रइक के सबत मांग रहे हैं। जिससे विरोधाभास पैदा हो रहा है। 

दिग्विजय के बयान से पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया। यही नहीं पाकिस्तानी मीडिया ने भी उनके बयान को अपने पक्ष में जमकर भुनाने की कोशिश की। जिसके बाद बीजेपी ने दिग्विजय सिंह का जमकर विरोध किया और उनका पुतला फूंका। सत्ता का वनवास काटकर सरकार में आई कांग्रेस हर कदम फूंक फूंक कर रखना चाहती है। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट मंत्रियों समेत विधायकों को विवादित बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि नेता ऐसी कोई भी बात अपने भाषण में करने से बचे जिससे पार्टी को लोकसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना हो। जिस दिन बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने हमला किया, कैबिनेट ने बहादुरी के काम की प्रशंसा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। नाथ यह दिखाना चाहते हैं कि उनकी सरकार सेना के साथ है।

दिग्विजय सिंह के बयान देने के बाद अब पार्टी ने एक और सर्वे करवाया है। जनता का मन टटोले के लिए कांग्रेस सर्वे करवा रही है जिससे एयर स्ट्राइक के बाद की स्थिति सामने आ सके। मुख्यमंत्री ने अपने भरोसेमंद लोगों को इस बात के निर्देश दिए हैं कि विवादित बयान बाजी से दूर रहें और लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी को निभाएं। फिलहाल सीएम ने जन अभियान परिषद को बंद करने का विचार भी टाल दिया है। जिससे लोकसभा चुनाव पर इसका कोई प्रभाव न पड़े।