भोपाल।
सियासी हलचल के बीच अब विधानसभा में होने वाले बजट सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट की मांग ने जोर पकड़ लिया है। कमलनाथ सरकार में कानून मंत्री पीसी शर्मा ने भी दावा किया है कि फिलहाल सरकार को किसी से कोई खतरा नहीं है। विधानसभा में अगर फ्लोर टेस्ट का मुद्दा उठता भी है तो कांग्रेस को बीजेपी से ज्यादा वोट मिलेंगे। क्योंकि बीजेपी के विधायक फिर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। कमलनाथ के मंत्री के इस दावे से बीजेपी में हलचल मच गई है।

इससे पहले कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बीजेपी को बड़ी चुनौती दी थी और कहा था भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विधायकों को कब्जे में लेने के बजाए ‘फ्लोर टेस्ट’ करवाना चाहिए, जिसके लिए राज्य की कांग्रेस सरकार तैयार है। भारतीय जनता पार्टी को डरने की जरूरत नहीं है ।बाहुबलियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कमलनाथ सरकार को इससे कोई भी खतरा नहीं है।

बता दे कि पिछली बार जब फ्लोर टेस्ट की मांग उठी थी कि तो भाजपा के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने अपनी ही पार्टी को झटका देते हुए कांग्रेस के पक्ष में अपना मत दे दिया था। जिसके बाद से ही बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर पीछे हटती हुई नजर आ रही है। सुत्रों की माने तो बीजेपी को डर है कही फ्लोर टेस्ट में इस बार भी उन्हें मुंह की ना खानी पड़ी।