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भोपाल। कांग्रेस का 15 साल का वनवास खत्म कराने और पार्टी को जीत दिलाने में कामयाब हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को अधिकारियों से ज्यादा अपने लोगों पर भरोसा है, सीएम अब अपनी खास टीम तैयार कर रहे हैं। इस टीम में नौकरशाह नहीं होंगे बल्की सीएम के खास लोग सरकार के कामकाज और विकासकार्यों के लिए रणनीति तैयार करेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। अपने करीबियों को उन्होंने टीम में शामिल करना शुरू कर दिया है। सीएम सचिवालय में अब तक तीन व्यक्तियों को नियुक्त किया गया है। नाथ के विश्वासपात्र, जिनमें आरके मिगलानी, सलाहकार के रूप में, जबकि प्रवीण कक्कड़ और भूपेंद्र गुप्ता को अधिकारी-विशेष-ड्यूटी (ओएसडी) बनाया गया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ की सुरक्षा में सरकारी और बाहरी लोग तौनात रहेंगे। खबर है कि सीएम अपनी टीम का विस्तार जल्द ही करेंगे और इसमें कई और लोगों को शामिल किया जाएगा। इनमें कांग्रेस नेताओं के अलावा उनके पुराने साथी होंगे। सिर्फ केवल नौकरशाह ही नहीं, बल्कि नाथ की एक निजी टीम भी उन्हें सरकार चलाने में मदद कर रही है  और, इस टीम के कुछ लोगों को नियुक्त किया जाएगा, ताकि वे आधिकारिक क्षमता में काम कर सकें। इस टीम का काम होगा सरकार के लिए खास रणनीति तैयार करना और उनका जमीन पर कार्यान्वित करवाना उनकी प्रथमिकता होगी। 

2003  में जब भाजपा सत्ता में आई थी तब उमा भारती मुख्यमंत्री थी। बीजेपी को भी ब्यूरोक्रेट्स पर भरोसा नहीं था। उमा भारती ने भी अनिल दवे, भाजपा नेता शैलेन्द्र शर्मा और अतुल जैन जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे, जिन्हें उनके सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। करीब दो साल पहले दवे का निधन हो गया। भारती ने तब अपने विश्वासपात्रों की एक टीम बनाई थी, जिसके माध्यम से सरकार चलाई गई थी। उनके बाद बाबूलाल गौर मुख्यमंत्री बने लेकिन उन्होंने अफसरों को साथ लेकर ही सरकार चलाई। बाद में शिवराज सिंह चौहान के हाथ में सत्ता आई। चौहान की टीम में कई राजनीतिक सलाहकार थे। बताया जाता ये लोग चौहान के विश्वासपात्र थे। जो उन्होंन हर फैसले में मार्गदर्शन करते थे। चौहान ने कई सेवानिवृत्त अधिकारियों को ओएसडी नियुक्त किया था। बैंक अधिकारी मनीष पांडे आरएसएस के करीबी को ओएसडी बनाया था।

नई सरकार में असहज हुए अधिकारी 

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने एक महीना हो गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक महीने में इस बात का एहसास करवा दिया है कि वह किसी काम में कौताही नहीं बदाश्त करेंगे। अंदरखाने की खबर है कि बीती सरकार में जो अफसर काम कर रहे थे वह अब कमलनाथ के साथ काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं। सीएम मंत्रालय में अफसरों के साथ सुबह 11 बजे से लेकर रात 10 बजे तक काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इतने लंबे समय तक मंत्रालय में रुकने और काम करने से अफसर परेशान हैं। उन्हें भी मंत्रालय में देर रात तक रुकना पड़ रहा है। सीएम सचिवालय के अफसर घर पर लंच करने जाने में असमर्थ हैं। कई अफसर जो पहले जल्दी घर चले जाया करते थे वह अब बैठकों और कामकाज की वजह से मंत्रालय में ही अटके रहते हैं। इससे उनमें नाराजगी है।