कमलनाथ के मंत्री का दावा- छिंदवाड़ा में एक भी बेरोजगार व्यक्ति नही

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भोपाल।  कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। शर्मा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले छिंदवाड़ा में एक भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं  है। पीएचडी चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री व नेपाली दूतावास द्वारा गुरुवार को आयोजित इंडिया-नेपाल व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह दावा किया। जब पीसी शर्मा से इस सम्बन्ध में पुछा गया तो उन्होंने कहा कि, मैं सौ प्रतिशत सही कह रहा हूं। रोजगार के मामले में छिंदवाड़ा एक तरफ है और पूरा भारत एक तरफ है। मैं सिर्फ नौकरी की बात नहीं कर रहा, छिंदवाड़ा के युवा खुद का व्यवसाय शुरू करने में भी आगे हैं। साथ ही उन्होने कहा कि छिंदवाड़ा मॉडल पूरे प्रदेश में लागू होगा, ताकी प्रदेश भी विकसित हो सके। कमलनाथ के मंत्री का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है और प्रदेश में भी बेरोजगारी का आंकड़ा कम नही है।

दरअसल, यह बातें आज शुक्रवार को उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कही। मंत्री ने सभी के रोजगार में लगे होने का दावा जरूर किया, पर कोई आंकड़े नहीं बताए। न ही यह बताया कि छिंदवाड़ा मॉडल क्या है। वही किसानों के मुकदमें वापस लेने पर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 7000 किसानों पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज है। किसानों की केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसानों के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता और सपा बसपा के कार्यकर्ताओं पर लगे झूठे मुकदमे भी वापस होंगे। 3 जून को होने वाली बैठक में गृह और कानून विभाग अपना ड्राफ्ट रखेगा। उसके बाद एक एक किसान एक एक कार्यकर्ता का मुकदमा वापस लिया जाएगा।बता दे कि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने कहा था कि शिवराज सरकार में लगे किसानों, कांग्रेस और बसपा-सपा के कार्यकर्ताओं पर लगे मुकदमे वापस लेगी। 

कर्मचारी-अधिकारी को दी चेतावनी

शहर में हो रही पानी की किल्लत को लेकर शर्मा ने कहा कि पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए। बारिश से पहले नाले की सफाई का भी निर्देश दिया गया है।इसके साथ ही मंत्री पीसी शर्मा ने नगर निगम कर्मचारी-अधिकारियों को भी हिदायत देते हुए कहा कि पिछली बारिश में नाले के डूबने से  बच्चों की मौत हो गई थी, इस बार अगर भोपाल में ऐसी स्थिति बनी तो किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में किसी की भी सिफारिश नहीं सुनी जाएगी । हर हाल में समय पर पानी और नालों की सफाई होनी चाहिए।