कमलनाथ के यह मंत्री उतरे जनता की कसौटी पर ��रे!

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भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सरकार में छह महीने पूरे कर लिए हैं। इस दौरान कई उतार चढ़ाव देखेने को मिले हैं। छह मीहनों में मुख्यमंत्री कमलनाथ के कैबिनटे के ज्यादातर मंत्री जनता की कसौटी पर खरे उतरे में नाकाम रहे हैं। किसान कर्ज माफी से लेकर बिजली समस्या प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी है। 28 में से सिर्फ छह ही कैबिनेट मंत्रियों ने अपने कामकाज से जनता में संतोष पैदा करने का कार्य किया है। 

छह महीने पूरे कर चुकी कमलनाथ सरकार सबसे अधिक तबादलों, बिजली और किसान कर्ज माफी को लेकर रही है। 25 दिसंबर को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद तीन महीने मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव आचार संहिता में बिताए। जिससे काम की रफ्तार काफी धीमी पड़ी। सत्ता में आने के बाग सबसे पहले कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक कसावट के साथ ही अपनी पसंद के अफसरों की पोस्टिंग करवाई। यह दौर अभी भी जारी है। लगातार आईएएस, आईपीएस और राज्य प्रशासनिक अफसरों के तबादले किए जा रहे हैं। इन तबादलों से मंत्रियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। 

बीते छह महीने में पीएचई मंत्री सुखदेव पांस, शहरी विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने जनता के बीच अपनी छवि बनाने में कामयाब हुए हैं। पांस ने विभाग संभालने के बाद तेजी से विकास कार्यों पर ध्यान देने शुरू किया। हाल ही में उन्होंने जल का अधिकार पर काम करना शुरू किया है। इसके अलावा शहरी विकास मंत्री ने मुख्यमंत्री स्वभीमान योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत एक साल में बेरोजगारों को करीब 13 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, पटवारी ने भी तेजी से प्रदेश के कालेजों की समस्या दूर करने के लिए प्रदेश भर के कॉलेजों का दौरा किया। उनके पास खेल मंत्रालय का भी प्रभार है। वहीं, शर्मा ने पुजारियों के भत्तों में बढ़ोती की है। इसके अलावा वह कानून संबंधित ड्राफ्ट पर भी काम कर रहे है। इनके अलावा कोई और मंत्री फिलाहाल जनता के बीच रिश्ते बनाने में कामयाब नहीं हुआ है। मंत्री वही काम उनके खाते में दिखा रहे हैं जो मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा किया गया है। शपथ समारोह के समय ही नाथ ने यह साफ कर दिया था कि वह मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा समय समय पर करते रहेंगे। ऐसे हालातों में मंत्रियों के विभागों को बदले की भी अटकलें हैं।