kamalnath-Government-is-preparing-to-bring-a-big-scheme-for-farmers

भोपाल| मध्य प्रदेश में किसानों को साधकर 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अब किसानों के सम्बन्ध में एक और योजना लाने जा रही है| कर्जमाफी योजना और किसानों के लिए लिए जा रहे फैसलों के प्रचार प्रसार के लिए सरकार अब कृषक मित्र तैनात करेगी, जो किसानों के लगातार संपर्क में रहेंगे और उनकी समस्या सरकार तक पहुंचाएंगे| इन्हे कृषक बंधु कहा जाएगा, जिन्हे एक से अधिक गांवों की जिम्मेदारी दी जा सकती है| इस योजना को पूर्व की शिवराज सरकार की किसान मित्र और दीदी की काट के तौर पर देखा जा रहा है| हाल ही में राजनीतिक मामलों की मंत्री परिषद की बैठक में इस योजना का प्रजेंटेशन दिया गया| बैठक में इस योजना को कैबिनेट में लाने की सहमति बनी है, जल्द ही इसका खाका पूरी तरह तैयार होकर मंजूरी के लिए कैबिनेट में पहुंचेगा |

किसान बंधुओं को सरकारी दर्जे के साथ निश्चित मेहनताना दिया जाएगा| ग्राम जनपद और जिला पंचायतों से इसके प्रस्ताव लाए जाएंगे जिले के प्रभारी मंत्री इन प्रस्तावों पर योग्यता और वरीयता के आधार पर विचार कर नियुक्ति करेंगे | वहीं उनकी सूची ऑनलाइन की जाएगी |  सरकार इन कृषक बंधुओं के माध्यम से सीधे किसानों से जुड़ेगी और जो भी फैसले सरकार किसानों के लिए लेती उनकी सही जानकारी किसानों तक आसानी से पहुंचेगी| कृषक बंधु किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही इनका लाभ भी सुनिश्चित कराएंगे | यह खाद बीज के साथ मौसम की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे | आर्टिकल्चर को बढ़ावा देने और जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे किसान अपनी समस्या और अपेक्षाओं को कृषक बंधु के जरिए सरकार तक पहुंचा सकेंगे, कृषक बंधु को 12 से ₹15000 सालाना देने पर विचार हो रहा है|

बीजेपी ने कर्जमाफी की योजना को विफल बताते हुए सरकार की घेराबंदी की है| यह सरकार जानती है कि कर्जमाफी को सही तरह से प्रचारित नहीं किया गया, जिसका असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिला| कर्ज माफी को विफल योजना बता कर भाजपा ने प्रदेश में प्रचार किया है| इस प्रचार के प्रभाव को खत्म करने के लिए भी सरकार के सभी बंधुओं का उपयोग करेगी | वहीं कहा तो यह भी जा रहा है कि कांग्रेस अपने 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को इस मॉडल में फिट करना चाहती है ताकि गांव तक उसका नेटवर्क भी मजबूत हो जाए| इसके साथ ही पंचायत स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को साधा जा सके|