वित्तीय संकट से चिंता में सरकार! घोषणाओं पर पड़ा असर

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भोपाल| मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के लिए चुनाव से पहले किये गए वादों को पूरा करना बड़ा चुनौती भरा है| कर्जमाफी के लिए भारी भरकम बजट की जरुरत के चलते अन्य घोषणाओं को पूरा करने में सरकार कटौती कर रही है| सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था, नि:शक्तजनों, विधवाओं सहित तमाम किस्म की पेंशन राशि में वृद्धि की तैयारी कर ली गई है, सरकार अगले वित्तीय वर्ष से 300 के बजाय 600 रुपए मासिक पेंशन देगी। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने यह प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है। घोषणा पत्र में कांग्रेस ने इस पेंशन को 300 रुपए से बढ़ाकर एक हजार करने का वादा किया था| लेकिन मौजूदा वित्तीय स्तिथि को देखते हुए अभी पेंशन बढ़ाकर 600 रुपए की जा रही है| 

रविवार को लोकसभा प्रभारियों के साथ बैठक में सीएम कमलनाथ ने इस साल हमारी जो घोषणाएं पूरी नहीं होती है, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा। अभी पेंशन 300 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दी गई है। अगले वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 1 हजार रुपए कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी से छुपा नहीं है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद भी जो बन सकता है हमने किया है। किसानों की कर्जमाफी सबसे बड़ी उपलब्धि है। वचन पत्र में प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता को वचन दिया है, उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा।

दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पेंशनभोगियों को पेंशन में वृद्धि का वादा किया था| कांग्रेस की सरकार बनते ही सामाजिक न्याय विभाग ने पेंशन 300 से बढ़ाकर एक हजार रुपए मासिक करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन माली हालत खराब होने के कारण सरकार ने इसमें संशोधन किया है। अब सरकार शुरुआत में तीन सौ रुपए प्रतिमाह की वृद्धि कर रही है। पेंशनवृद्धि से सरकारी खजाने पर 1440 करोड़ रुपए सालाना अतिरिक्त भार पड़ेगा। प्रदेश में 40 लाख पेंशनभोगियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा।  पेंशनभोगियों को वर्तमान में 300 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। जिस पर हर महीने 120 करोड़ और सालाना 1440 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अब नए प्रस्ताव के बाद 2880 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। सरकार हर महीने पेंशन राशि सौ-सौ रुपए बढ़ाकर अगले चार माह में पेंशन को एक हजार रुपए महीना करेगी।  

 

ये पेंशन मिलती हैं

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, नि:शक्तजन पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन, मानसिक दिव्यांगों के लिए आर्थिक सहायता।