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भोपाल। 

निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी कमलनाथ सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं के बाद आदिवासियों को साधने की तैयारी में है। खबर है कि इस पर सरकार विश्व आदिवासी दिवस बड़े भव्य तरीके से मनाने जा रही है।दो विधायकों के समर्थन के बाद झाबुआ में उपचुनाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में माना जा रहा है कि इसका मुख्य कार्यक्रम झाबुआ में तय हो सकता है। इसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ के शामिल होने की संभावना है।सुत्रों की माने तो आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।  इधर कांग्रेस ने भी ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए काम शुरू कर दिया है।संभावना जताई जा रही है सीएम आदिवासियों के लिए घोषणा कर बड़ा दांव खेल सकते है।वही इस प्लान के बाद बीजेपी में खलबली मच गई है। बीजेपी ने कांग्रेस के इस कार्यक्रम पर सवाल उठाए है।

दरअसल, 14  सालों का वनवास काट कांग्रेस को सत्ता दिलाने में आदिवासियों की भूमिका अहम रही।विधानसभा में आदिवासियों ने कांग्रेस के समर्थन में जमकर वोट किए लेकिन लोकसभा में पीछे हट गई। वही बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल के कांग्रेस के समर्थन में आने से मैहर और ब्योहारी में उपचुनाव के हालात बन सकते हैं।   लिहाजा आदिवासियों को अपने पाले में लाने के लिए कांग्रेस जी जान से जुट गई है। और इसीलिए प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की है।

प्रदेश के आदिवासी बहुल 82 ब्लॉक में 9 अगस्त को आदिवासी महोत्सव मनाया जाएगा। जाहिर है इस आयोजन की आड़ में कांग्रेस आदिवासियों को अपने साथ जोड़े रखना चाहती है। वैसे आदिवासी परंपरागत रूप से कांग्रेस का वोट बैंक रहा है। लेकिन 2003 के बाद से बीजेपी के पाले में चला गया। कांग्रेस को ये वोट बैंक 2018 में फिर से अपने पास आता नजर आया। लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का भ्रम दूर हो गया। इसीलिए अब पार्टी विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजन के बहाने अपने परंपरागत वोट बैंक को सहेजने में जुट गई है।