भोपाल। झाबुआ विधानसभा के उपचुनाव में जीत का डंका बजाने वाले कांतिलाल भूरिया राजधानी पहुंच गए हैं। कांग्रेस उनके स्वागत में जुटी दिखाई दे रही है। भूरिया गुरूवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही इसी मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान भी होने की उम्मीद की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि इसी दिन प्रदेश कांग्रेस को नया अध्यक्ष भी मिल सकता है। 

असमंजस के हालात से गुजर रही कांग्रेस की प्रदेश सरकार को झाबुआ विधानसभा की जीत से सुकून के पल नसीब हो गए हैं। इस विधानसभा से जीत हासिल कर आए पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को कांग्रेस सिर-आंखों पर बैठाए हुए हैं। इसी लिहाज से उनके भोपाल पहुंचने पर उनके स्वागत-सत्कार का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को राजधानी में जिला कांग्रेस कार्यालय पर भूरिया का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कांग्रेसाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने बताया कि भूरिया की ऐतिहासिक जीत कांग्रेस के लिए कई मायने रखती है। इसके अलावा भूरिया कांग्रेस क सीनियर नेता हैं, उन्होंने पार्टी के लिए कई स्तर पर बड़ा योगदान दिया है। दीवाली के मौके पर आई उनकी जीत की खबर ने कांग्रेस के लिए रौशनी और मिठास का काम किया है।

गुरूवार को लेंगे शपथ

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक उप चुनाव में जीते कांतिलाल भूरिया 31 अक्टूबर को विधायक पद की शपथ ग्रहण करेंगे। एक सादे कार्यक्रम के दौरान होने वाली इस शपथ के अवसर पर कांग्रेस सरकार के सभी मंत्री, विधायक, पार्टीजन मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक भूरिया को विधानसभा में सुबह 11:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति शपथ दिलाएंगे।

मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी

सूत्रों का कहना है कि भूरिया के विधानसभा में शामिल होने के बाद उन्हें उनके कद और अनुभव के हिसाब से पद दिए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। इसके लिए मौजूदा मंत्रियों के पदों का पुर्निर्घारण करने की योजना तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि ऐसे मंत्री, जिनके पास एक से ज्यादा विभाग मौजूद हैं, उनसे कुछ विभाग कम किए जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभागों को इधर से उधर भी किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार सम्भवत: 31 अक्टूबर की शाम को हो सकता है। बताया जा रहा है मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से विस्तृत चर्चा भी की है। 

प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी बदलेगी

सूत्रों का कहना है कि 31 अक्टूबर को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही इसी दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नए नाम का ऐलान भी किया जा सकता है। करीब डेढ़ साल पहले अरुण यादव की जगह अध्यक्ष बनाए गए कमलनाथ के सीएम बनने के बाद से इस बात की कवायद जारी है कि अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी दूसरे नेता को दी जाए। इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर बाला बच्चन और जीतू पटवारी तक के नामों की चर्चाएं उठती रही हैं। लेकिन कोई सर्वसम्मत फैसला न हो पाने की वजह से यह ऐलान रुका हुआ है। इधर हाल ही में कांग्रेस के कद्दावर मंत्री सज्जन सिंह वर्मा द्वारा दिए गए भूरिया को अध्यक्ष बनाए जाने के बयान को लेकर कहा जा रहा है कि संभवत: पार्टी भूरिया को ही यह जिम्मेदारी दे सकती है। कारण यह है कि उनके विधायक बनने के बाद उनके कद के लिहाज कोई पद खाली कराया जाना किसी दूसरे मंत्री को नाराज करने वाला साबित हो सकता है। ऐसे में संगठन चलाने का अनुभव रखने वाले भूरिया को यह जिम्मेदारी देने से उनके कद और गरिमा को भी ठेस नहीं पहुंचेगी और बाकी मंत्री भी खुद को उपेक्षित नहीं मानेंगे। उम्मीद की जा रही है मुख्यमंत्री कमलनाथ मंगलवार की मुलाकात में कांग्रेस आलाकमान से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर भी मोहर लगवा कर लाएंगे।